बाढ़ राहत में भ्रष्टाचार व घोटाले के लगाया आरोप।
श्योपुर – अगस्त 2021 में आई बाढ़ से प्रभावित हुए बत्तीसा क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों का प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जुड़वाने के लिए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में बुधवार से तहसील कार्यालय परिसर बड़ौदा पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है । इस दौरान धरना दे रहे बाढ़ पीड़ितों ने शासन -प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया व बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़े जाने की मांग की । राधेश्याम मीणा मूंडला ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 अगस्त 2021 को अतिवृष्टि के कारण आई बाढ़ से जिले के समस्त किसान व आमजन प्रभावित हुए हैं तथा हजारों की संख्या में आवास मकान क्षतिग्रस्त हुए जिस कारण क्षेत्र के लोग बेघर हो गए जिनको बाढ़ आपदा (आरबीसी) के अंतर्गत 95 हजार की सहायता राशि प्राप्त हुई है ऐसे से बाढ़ प्रभावित व अन्य प्रभावितों को जिले के अधिकारियों द्वारा मनमाने व गलत तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना से अपात्र घोषित कर सूची से नाम हटा दिया व इस दौरान जमकर भ्रष्टाचार किया गया पात्र लोगों को शासन की सहायता से वंचित रखा गया बाढ़ राहत के दौरान भ्रष्टाचार की भी जांच कराने की भी मांग की गई । इस अवसर पर हरिसिंह लवली सोठवा, ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष विनोद अढवाड़, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेन्द्र हलगावड़ा, जनपद सदस्य राहुल सिरसोद, ओबीसी महासभा युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष कपिल कुमार सेन, दिनेश बोरदादेव, बालमुकुंद धनखेड़ा, सौलेन्द्र भिलवाड़िया, विनोद भिलवाड़िया, महावीर धनखेड़ा, प्रेमशंकर हथवारी, इंद्रपाल बोरदादेव, दिलखुश बड़ौदा सहित बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ित ग्रामीण उपस्थित रहे ।
श्योपुर, से जमुना प्रसाद उपाध्याय ब्यूरो चीफ