बिना मानचित्र स्वीकृत करवा आखिर कैसे मिल गई विद्यालय की मान्यता ?
जब मान्यता के मानक ही नहीं थे पूर्ण, तो शिक्षा विभाग ने कैसे दे दी मान्यता ?
किसी भी अनहोनी का आखिर कौन होता जिम्मेदार।
सहारनपुर।
जहां एक और प्रदेश भर में शिक्षा को लेके आए दिन सरकार नए कानून व्यवस्था बनाने में जुटी हुई है वही दूसरी ओर सहारनपुर में एक ऐसा विद्यालय भी संचालित है जिसे प्राधिकरण द्वारा सील कर दिया परन्तु उसकी मान्यता कायम है। जी आपको बता दे सहारनपुर के खाता खेड़ी स्थित मिद्दे वाली गली में काफी समय से सभी मानकों को ताक पर रख कर एक ऐसा विद्यालय संचालित था जिसको शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता तो दे दी गई परंतु विभाग विद्यालय के मानकों को देखना भूल गया था। आपको बता दे शासन आदेश पत्रांक 575/68-03- 2018- 2041/2023 के अनुसार विद्यालय की मान्यता के लिए ( 32 ) ऐसे मानक है जोकि है विद्यालय संचालक को पूर्ण करने अनिवार्य है परंतु यह विद्यालय सभी मानकों को ताक पर रख के संचालित था।
विद्यालय की मान्यता के लिए महत्वपूर्ण मानक।
१) विद्यालय के भवन का नक्शा संबंधित विभाग द्वारा स्वीकृत होना।
२) विद्यालय में फायर संबंधित सभी उपकरण विद्यालय में होने अनिवार्य है।
३) बच्चो हेतु सुसाजित पुस्तकालय होना अनिवार्य है।
४) बच्चो के खेलने हेतु पक्का मैदान होना अनिवार्य है।
५) बच्चो के लिए साफ स्वच्छ शौचालय एवम साफ पीने के पानी की व्यवस्था।
६) एनबीसी सर्टिफिकेट भवन का
ऐसे अन्य कई और मानक पूर्ण होने के बाद मान्यता मिलती है परंतु अब सवाल ये है की आखिर नगर में ऐसे और कितने विद्यालय है जिन्हे विभाग द्वारा मान्यता तो दे दी गई है जिनके आज तक मानक पूर्ण नही है और फिर भी ऐसे विद्यालय में धड़ल्ले से संचालित है। जो बच्चो की भविष्य और जान के दुश्मन बने बैठे है।
रिपोर्ट:- रमेश सैनी सहारनपुर