सलेहा में में सरकारी खाद्य नहीं हो रही वितरित
सरकारी दूरस्थ केंद्रों पर खाद्य लेने में कई तरह की परेशानी झेल रहे किसान
प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की ओर से किसानों को सहिकारिता विपणन केंद्रो में सरकारी खाद्य विक्रय के आदेश दिए हैं पर सलेहा विपणन केंद्रो में लगभग तीन वर्षों से खाद्य नहीं मिल रही है
जबकि सलेहा में एक हजार मेट्रिक टन का भंडारण गौदाम बना हुआ किसान सरकारी खाद्य में भरोसा करता है बजार में व्यापारियों के यहां मिलने वाली डीएपी यूरिया खाद्य ज्यादातर महंगे दामों के साथ साथ नकली मिलती है
इस कारण लोग सरकार द्वारा वितरित करवाई जा रही संस्थाओं में खाद्य को लेने जाते हैं सलेहा क्षेत्र के सैकड़ों गांव के किसान 25 किलोमीटर दूर सहिकारिता विपणन केंद्र देवेन्द्रनगर गुनौर खाद लेने जाते हैं उक्त इस्थानो में रबी के मौसम में किसानों को खाद लेने के लिए लम्बी कतारो में दिनभर खड़ा रहना पड़ता है उसमें भी कई बार किसानों को खाद्म नहीं मिल पाती है एवं सरकारी खाद्य केन्द्र बार बार भटकना पड़ता है अगर मानलें किसानों को एक बार में खाद्य मिल भी जाए तो किराया के साथ साथ गुनौर देवेन्द्रनगर से खाद्य लाने में सलेहा श्रेत्र के किसानों को 50 रू प्रति बोरी मालवाहक वाहन को भाड़ा देना पड़ता है और रबी मौसम में किसानों के खेती कार्यों में इन्तजार के कारण नुकसान होता है और किसान आज खाद्य के लिए रू देने के बाद भी कसमा कस भरी जिंदगी झेल रहा है सलेहा श्रेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से मांग रखते हुए कहा है कि सलेहा में खाद्य वितरण करवाई जाए जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ साथ परेशानी से निजात मिल सके और किसान अपनी रबी मौसम की फसलों की बुवाई जुताई समय पर कर सके।