यह बुंदेलखंड का पीटीआर, बाघ शावकों की चहल कदमी से हो रहा गुलजार
पन्ना टाईगर रिजर्व में पाए गए कई शावक, मप्र का टाइगर स्टेट का दर्जा बरकरार रखने प्रबन्धन कर रहा प्रयास
दमोह : मप्र को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाला पन्ना टाइगर रिजर्व इन दिनों बाघ के शावकों की किलकारियों से गुलज़ार है। आंकड़ों के मुताबिक़ इस समय पन्ना टाईगर रिजर्व क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक बाघ शावकों की मौजूदगी के प्रमाण प्रबन्धन को मिले हैं। इसके अलावा कुछ और मादा बाघिनो द्वारा शावकों को जन्म देने की सूचनाएं प्रबन्धन पास आई है। हालांकि इनके फोटोग्राफ और जानकारी न मिलने से इन्हें आंकड़ो में शामिल नहीं किया गया है। अनुमान के मुताबिक यहा बाघ शावकों की संख्या 25 से बढ़कर 30 या इससे अधिक हो सकती है।
पीटीआर में गहरी घाटी और किशनगढ कोर एरिया में कॉलर आईडी वाली मादा बाघिन टी-6,, पी-142,, पी 151,, पी 243 के साथ उनके शावकों की चहल कदमी करते फ़ोटो और वीडियो पिछले दिनों सामने आये थे। टाइगर रिजर्व में बाघों के बढ़ते कुनबे से प्रबन्धन में खुशियों का माहौल है।
उपसंचालक जरांडे ईश्वर रामहरि ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व से पिछली बार 29 बाघ गणना में आए थे। इस बार भी प्रबन्धन की कोशिश है कि यहा जितने भी बाघ हैं, उनकी मौजूदगी दर्ज कर सकें। उनको रिकॉर्ड कर सकें और पन्ना टाइगर रिजर्व से ज्यादा से ज्यादा बाघों की संख्या मप्र में शामिल कर सकें। जिससे पिछली बार मप्र को जो टाइगर स्टेट का ख़िताब मिला था वह बरकरार रह सके।
बता दे कि राष्ट्रीय बाघ आंकलन रिपोर्ट के आंकड़ो के अनुसार पिछली बार मप्र 526 बाघों की संख्या के साथ अव्वल आकर टाइगर स्टेट की श्रेणी में शामिल हुआ था। जिसमे पन्ना टाइगर रिजर्व का अहम योगदान रहा था। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र सञ्चालक और उपसंचालक सहित अधीनस्थ अमला लगातार पन्ना जिले से लेकर छतरपुर जिले के किशनगढ और दमोह जिले के मड़ियादो वन परिक्षेत्र में शामिल जंगलो में ट्रेकिंग और बाघों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए है। इनकी सुरक्षा और कुनबा बढ़ाने सराहनीय प्रयास कर रहा है। वर्तमान में यहा 65 से अधिक की संख्या में बाघ मौजूद हैं। इनमें कॉलर आईडी के अलावा बडी संख्या में बिना कॉलर वाले बाघ भी शामिल हैं।
पीटीआर में बाघों का मुख्य मूवमेंट किशनगढ कोर, किशनगढ बफ़र एरिया के जंगलो में होने के चलते, पीटीआर में शामिल हटा के मड़ियादो वन परिक्षेत्र के जंगलो की ओर बाघों के बढ़ने की सम्भावनो को लेकर प्रबन्धन तैयारियों में जुटा हुआ है। यहा अनुकूल माहौल और करधाई के जंगल वन्य जीवों के लिए उचित माहौल देने में सहायक है।
ब्यूरो चीफ-लखन ठाकुर जिला दमोह मध्य प्रदेश