खबर सूत्रों के हवाले
भारत में फाइनेंस कंपनियों द्वारा वाहन लोन देने और वसूली के लिए गुंडों का उपयोग करने के खिलाफ कई कानून हैं। यहाँ कुछ प्रमुख कानून हैं:सूत्र
फाइनेंस कम्पनियों ने प्राइवेट लोग लोन वसूली पर रखे हुए है सूत्र जो सड़को पर झुंड बनाकर वाहन कब्जे लेकर फाइनेंस कम्पनियों को देते है इनका जनता मे भय व्याप्त है सूत्र
फाइनेंस कंपनियों के लिए नियम
1. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियम
आरबीआई ने फाइनेंस कंपनियों के लिए नियम बनाए हैं जो वसूली के तरीकों को नियंत्रित करते हैं।
2. सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के नियम: सेबी ने फाइनेंस कंपनियों के लिए नियम बनाए हैं जो वसूली के तरीकों को नियंत्रित करते हैं।
3. भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 384 यह धारा वसूली के लिए जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बनाई गई है।
4. भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 506: यह धारा वसूली के लिए धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बनाई गई है।
5. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986: यह अधिनियम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए बनाया गया है।
6. वित्तीय संस्थानों के लिए वसूली नीति यह नीति फाइनेंस कंपनियों को वसूली के तरीकों को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है।
गुंडों का उपयोग करने वाले फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई
1. पुलिस में शिकायत दर्ज कराना: यदि कोई फाइनेंस कंपनी गुंडों का उपयोग करके वसूली करती है, तो आप पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
2. उपभोक्ता अदालत में मामला दर्ज कराना आप उपभोक्ता अदालत में मामला दर्ज करा सकते हैं और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह सकते हैं।
3. आरबीआई और सेबी में शिकायत दर्ज कराना आप आरबीआई और सेबी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह सकते हैं।
4. मीडिया का सहारा लेना
आप मीडिया का सहारा ले सकते हैं और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह सकते हैं।
रिपोर्टर रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़