नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज ब्यूरो हजारीबाग
नरेगा अधिनियम के तहत् हो रहे दारू प्रखंड में योजनाओं में भारी अनियमितता।
हजारीबाग: दारू प्रखंड विकास पदाधिकारी, कन्या अभिभावक, कार्यक्रम पदाधिकारी, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सेवकों को का प्रसेन्टेज फिक्स है। अभी वर्तमान में बिरसा सिंचाई सम्वर्द्धन योजना के तहत् कुप निर्माण कार्य में धड़ल्ले से जेसीबी मशीन का उपयोग कर केवल 15 दिनों में 19 से 23 डिप में ही कम्पलीट किया जा रहा। जबकि डिप 35 फिट होनी चाहिए और मजदूरों से ही कार्य कराने चाहिए था । एक ही टीसीबी में कई बार अन्य टीसीबी योजना के पैसे निकासी किया जा रहा। दारू प्रखंड के दारू पंचायत में ही टीसीबी निर्माण कार्य में और कुछ निर्माण कार्य में जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। जिसकी सूचना कार्यक्रम पदाधिकारी और बिडीयो को देने के बाद भी किसी प्रकार का कोई जांच नहीं हुई। पुनाई पंचायत अंतर्गत बसरिया और जरगा, कविलासी पंचायत तिउज और घाघरा में भी वहीं इरगा और प्रखंड के अन्य सभी 9 पंचायतों में धड़ल्ले से जेसीबी मशीन का उपयोग बिरसा सिंचाई कुप निर्माण कार्य में हुई। इसकी भी सूचना बीडीओ और कार्यक्रम पदाधिकारी को दिया गया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताते चलें। प्रखंड के सभी पंचायतों में 2021-22 से 2024-25 की सभी टीसीबी, मेंढ़बदीं, सभी तरह के नरेगा से निर्मित कुप, बिरसा सिंचाई कुप,डोभा, तलाक, नाला जिर्नोधार, आम बागवानी, मिस्रीत बागवानी योजनाओं की उच्च स्तरीय जांच होने की जरूरत है। इसी तरह के मामलों में पुर्व कार्यक्रम पदाधिकारी स्वाति वर्मा की सरकारी वित्तीय का अवैध निकासी मामले में संविदा रद्द करने की बात कुछ दिन पुर्व में आई थी। वर्तमान में हारून रशीद प्रखंड विकास पदाधिकारी, एवं कार्यक्रम पदाधिकारी राजीव आनंद नरेगा में बहुतायत का कमिशन लेकर पारदर्शिता लाना बंद कर चुके हैं।