नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
रामगढ़ भाजपा कार्यालय में जीवंत हुआ अखाड़ा संस्कृति, सरहुल मिलन समारोह में 20 से अधिक गांवों के लोगों का हुआ महाजुटान
बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए सांसद मनीष जायसवाल, सरहुल नृत्य पर जमकर थिरके, मांदर पर भी लगाया खूब थाप
हजारीबाग: रामगढ़ जिला भाजपा कार्यालय, हथमारा, पोचरा परिसर में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि शंकर करमाली की अध्यक्षता में आयोजित सरहुल मिलन समारोह-2025 में जिले भर के 20 से अधिक गांवों के आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग जुटे और यहां झारखंड की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति को जीवंत किया। मौके पर विशेषरूप से मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल शामिल हुए और स्थानीय लोगों संग सरहुल नृत्य पर खूब थिरके और जमकर मांदर पर थाप भी लगाया। आयोजन समिति ने सांसद मनीष जायसवाल सहित अन्य अतिथि रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि चंद्रशेखर चौधरी, जिला महामंत्री विजय जायसवाल, राजू चतुर्वेदी, रामगढ़ जिला भाजपा सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, नगर निगम क्षेत्र के अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि मनोज गिरी, जिला मंत्री सह सांसद प्रतिनिधि अनमोल सिंह, पंकज शाह, मांडू भाजपा जिला अध्यक्ष तोकेश सिंह, जिला मंत्री लक्ष्मी देवी, रमेश वर्मा सहित अन्य गणमान्य लोगों का सरना रीति- रिवाज से पारंपरिक बाध्य यंत्र ढोल, नगाड़ा और मांदर की थाप पर थिरकते हुए गर्मजोशी से स्वागत किया। तत्पश्चात सरहुल के अखाड़ा पर आदिवासी समाज के लोगों का उत्साह और उमंग देख सांसद मनीष जायसवाल खुद को रोक नहीं सके और उनके बीच पहुंचकर सरहुल नृत्य पर खूब थिरके और जमकर मांदर पर हाथ भी आजमाया।
मौके पर सांसद मनीष जायसवाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी झारखंड के मूलवासी है और आपकी सभ्यता और संस्कृति का समस्त विश्व कायल रहा है और इसे बरकरार रखने की जरूरत है। सरहुल जल, जंगल और जमीन जो मानव जीवन का आधार है उसे बचाने को हमें प्रेरित करता है। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि आदिवासी को संपूर्ण दुनिया सागदी और सीधापन के लिए जनता है लेकिन आपके शराफ़त का कुछ लोग फायदा उठा रहें हैं और अपने राजनीतिक लाभ के लिए आपको अल्पसंख्यक बनाने पर तुले हैं वैसे कुत्सित मानसिकता वाले लोगों के मंसूबे पर पानी फेरना होगा और अपने सरना, सनातन धर्म को जीवंत रखते हुए उसे अक्षुण्ण रखना होगा तभी आपकी संस्कृति बची रहेगी ।
उक्त अवसर पर विशेषरूप से आयोजन समिति के संरक्षक बासुदेव किस्कू, संजय किस्कू, रमेश करमाली सहित विजय भोक्ता, राधे करमाली, रोहित कुमार, रितेश कुमार, विनय मरांडी, मनीष करमाली, साजन करमाली, बाबला करमाली, शिव कुमार, सूरज करमाली, विनोद करमाली, तेजपाल करमाली सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।