भारत-नेपाल सीमा पर चिन्हित अवैध कब्ज़ों को हटाने की कार्यवाही में तेजी लाये: डीएम
इंडिया टी वी न्यूज चैनल
रिपोर्टर अनिल सोनी
ब्यूरो चीफ बहराइच
बहराइच 30 अप्रैल। भारत-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के 0 से 10 कि.मी. तक सरकारी भूमि कोे अवैध कब्ज़ों से मुक्त कराये जाने तथा अनाधिकृत रूप से संचालित मदरसों को बन्द कराये जाने के सम्बन्ध में संचालित अभियान की समीक्षा हेतु मंगलवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि तहसील नानपारा अन्तर्गत एस.एस.बी. 42वीं बटालियन क्षेत्रान्तर्गत कुल 227 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किये गये हैं। जिसमें से 96 अतिक्रमण को हटा दिया है, शेष 131 प्रकरणों में अवैध अतिक्रमण हटवाये जाने की कार्यवाही गतिमान है।
तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के अन्तर्गत एस.एस.बी. 59वीं बटालियन क्षेत्रान्तर्गत कुल 157 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किये गये हैं। जिसमें से 20 अतिक्रमण को हटा दिया है। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट बी. शिव शंकर ने बताया कि कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग द्वारा 01 अवैध अतिक्रमण को हटाये जाने की कार्यवाही की गई है। तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के अन्तर्गत कुल चिन्हित 157 अवैध अतिक्रमण के सापेक्ष 21 अतिक्रमण को हटा दिया है, शेष 136 अवैध अतिक्रमणों को हटवाये जाने की कार्यवाही गतिमान है। इस प्रकार जनपद में चिन्हित कुल 384 अवैध अतिक्रमण के सापेक्ष 117 अतिक्रमण को हटा दिया है, शेष 267 अवैध अतिक्रमणों को हटवाये जाने की कार्यवाही राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्र ने बताया कि भारत नेपाल सीमा के 10 कि.मी. के अन्दर संचालित अनाधिकृत मदरसों की सघन जांच/सत्यापन के दौरान अब तक 05 मदरसों को सीज़ करने की कार्यवाही की गई। श्री मिश्र ने बताया कि जांच के दौरान 03 मान्यता प्राप्त परन्तु अपूर्ण अभिलेख मदरसों को भी पाया गया। डीएम ने अभियान से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद में चिन्हित किये गये सभी अवैध अतिक्रमणों को मुक्त कराया जाय। डीएम ने कहा कि सम्बन्धित अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें जहां की ज़मीन मुक्त हो रही है वहां दोबारा कब्ज़ा न होने पाये। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच अजीत प्रताप सिंह, सम्बन्धित उप जिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, प्रभारी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक व लेखपाल मौजूद रहे।