यह है बोकाजन, हातिगढ़ और कवारम गांव की सड़कों की हालत। वर्षों से आम जनता और कई संगठनों ने असम सरकार और करबी आंगलोंग स्वायत्त परिषद से इन सड़कों के निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
भारतीय जनता पार्टी का नारा “सबका साथ, सबका विकास” इन इलाकों में कहीं नजर नहीं आता। आखिर बोकाजन, हातिगढ़ और कवारम गांव सरकार की विकास योजनाओं से क्यों वंचित हैं? क्या असम सरकार और करबी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के लिए ये गांव महत्वहीन हो चुके हैं?
हर चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दलों के उम्मीदवार सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन जीतने के बाद अपने वादों को पूरी तरह भूल जाते हैं। अब जनता परेशान और हताश हो चुकी है।
जनता ने अब माननीय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की है, ताकि इन इलाकों के लोग भी बुनियादी सुविधाओं का लाभ ले सकें और उन्हें भी एक सम्मानजनक जीवन मिल सके।
रिपोर्ट: बोकाजन से