मंडल मंत्री रामकृपाल पटेल (पूर्व सरपंच सोजना)ने मुखर्जी जी की जयंती पर प्रकाश डालते हुए कहा 1951 में मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की. यही आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुआ, जो पार्टी आज भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति है. मुखर्जी ने कश्मीर में ‘दो निशान, दो विधान, दो प्रधान’ का विरोध करते हुए 1953 में आंदोलन छेड़ा. वे बिना परमिट कश्मीर गए. तत्कालीन सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद किया.
संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु
23 जून 1953 को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई. मुखर्जी की मृत्यु को आज भी राजनीतिक षड्यंत्र और रहस्य से जोड़ा जाता है. उनकी शहादत ने राष्ट्रवादी ताकतों को संगठित किया. कश्मीर मुद्दे पर देशभर में जागरूकता आई.
मंड़ल अध्यक्ष सहित सभी कार्यकर्ताओं ने पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर फूलमाला अर्पण कर गुलाल लगाई एवं सभी कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण किया