कमिश्नर ने सचिव सरोज पाण्डेय का स्थगन किया निरस्त, फिर शुरू हुई हाय तौबा
भ्रष्टाचारी सचिव का स्थगन निरस्त, निकली हेकड़ी घमंड हुआ चूर
पाप और कुकर्मों की सजा से आज तक कौन बचा है…?
कहते हैं आज नहीं तो कल पाप का घड़ा जरूर भरता है और भरने के बाद फूटता भी है, जब तक सजा पूरी नहीं हो जाती तब तक पापी को घुट घुट के सजा भुगतनी पड़ती है, लोगों को धौंस दिखाता था कहता था कि धरती का अंत और आरंभ इसी से है कंहा चली गई हेकड़ी सुधर जाओ वक़्त रहते वर्ना अभी तो सस्पेंड हुए हो इसके बाद भी हेकड़ी कम नहीं हुई तो बर्खास्त होने के लिए तैयार रहना तुम्हारे आका के साथ-साथ तुम्हारे काले कर्मों की कुंडली है हमारे पास जो आका सहित तुम्हारी जिंदगी में भूचाल लाने के लिए पर्याप्त है, वह किसी भी मायने में कम नहीं होगी बल्कि सारे दस्तावेज और सबूत के साथ खुलासा किया जायेगा. *
आप ने सुना होगा कि चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात, यही कहावत सचिव सरोज पाण्डेय और उसके सस्पेंशन पर चरितार्थ हो रही है, जो दूसरों का गड्ढा खोदते है भगवान उन्हें उसी गड्ढे पर गिरा कर ही दम लेता है, बेचारी सचिव और इसका पति नटवरलाल सस्पेंड होने के बाद किसी तरह से निचली इकाई से मिल कर पैसे का लेन देन करते हुए षड्यंत्र पूर्वक अधिकारियों को गुमराह कर स्टे (स्थगन) प्राप्त कर लिया और उसके बाद खूब मिठाई बांटी गई यही नहीं इसके कुछ सहयोगी भी जश्न मनाते देखे गए.. और बड़ी बड़ी डींग हांकते फिर रहे थे, इसको और इसके सहयोगियों को यह भूल गया कि स्टे स्थाई नहीं होता, और वही हुआ चंद दिनों बाद ही फिर स्टे निरस्त हो गया इसके बाद सारी खुसी और जश्न मातम में बदल गया, और सचिव फिर औंधे मुह गिर गयी… बेचारी सचिव…..
सचिव सरोज पाण्डेय के खिलाफ भ्रष्टाचार के दर्जनों मामले लंबित है धारा 40/92 की रिकवरी के अलावा विधानसभा में ध्यानाकर्षण की कार्यवाही और रिकवरी प्रस्तावित है, इसके अतिरिक्त नौ लाख 60 हज़ार रुपये की रिकवरी अलग से प्रस्तावित है… इतना ही नहीं जल्दर पंचायत में आंगनवाड़ी सहित अन्य कई ऐसे निर्माण कार्य है जिसमें बिना निर्माण कार्य किए ही इसने पूरा पैसा हजम कर लिया है, उसकी भी अलग रिकवरी है, कुल मिला कर बरसैता, डढ़वा, जल्दर और इंटार पहाड़ पंचायत को मिला कर सचिव ने लगभग 50, से 60, लाख रुपये से अधिक का घोटाला और भ्रष्टाचार विभिन्न पंचायतो में रह कर किया है, इसी बीच भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में य़ह सस्पेंड हो गई, जिसके बाद इसने धोखे से स्टे प्राप्त कर लिया और इसी स्टे का फायदा उठा कर इसने तत्काल डढ़वा पंचायत में फिर बड़ा भ्रष्टाचार किया, जंहा पंचायत के खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई, इसे मालूम था कि स्टे इसे चंद दिनों के लिए मिला है, ऐसे मे इसका फायदा उठाते हुए इसने डढ़वा पंचायत के खाते से 30/06/2025 की डेट में पांच किस्तों मे लगभग चार लाख रुपये निकाल लिए, जिसमें पहली किस्त 1,76,500, दूसरी किस्त 28,000, तीसरी किस्त 1,28,000, चौथी किस्त 15,000, तथा पांचवी किस्त 23,000, रुपये निकाली गई और जनता के विकास के लिए जो पंचायत में राशि थी उससे ही ये जाते जाते अपनी जेब गरम कर गई, और फिर चलते बनी, इस तरह से सचिव को लंबे समय से भ्रष्टाचार करने की छूट इसके आका द्वारा मिली हुई थी, लेकिन अंत मे सब गायब हो गए और यह सस्पेंड हो गई, अब वो दिन भी दूर नहीं है कि इसे कंही नौकरी से भी हांथ न धोना पड़ जाये..!