लगा लो जोर तुम चाहे जितना हमें मिटाने के लिए
हम भी लड़ते रहेंगे अपनी बेगुनाही के लिए कितना भी जुल्म करो हम वन है
वन माफियाओं के आगे बौना साबित हो रहे जंगलों की सुरक्षा में तैनात स्टारधारी वन अफसर
मैदानी अमले की रक्षा करने में नाकाम हुए गुना के डीएफओ और रेंजर सौरभ द्विवेदी
आखिर किसकी शह पर चलाया पूर्व में हटाए गए अतिक्रमण पर ट्रेक्टर, रोकने गए बीट प्रभारी से की मारपीट
जौहरी बीट पर मारपीट करने वाले माफिया के चाचा का भी ट्रैक्टर मय सीडड्रिल के किया जप्त
गुना। वन विभाग में इन दिनों वन माफियाओं की मौंज चल रही है। वन अफसरों की उदासीनता के चलते वे इतने हावी हो गए हैं कि जंगल में तैनात वन रक्षकों पर भी हमले करने से परहेज नही कर रहे। इससे यह सिद्ध होता है कि वन सम्पदा की सुरक्षा में तैनात स्टारधारी वन अफसर वन माफियाओं के आगे बौना साबित हो रहे हैं। वरिष्ठ अफसर अपने कनिष्ठ मैदानी अमले की रक्षा करने में तक नाकाम होते दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि विगत दिनों एक माफिया का ट्रेक्टर वन भूमि पर चलाते रोका तो बीट प्रभारी के साथ मारपीट शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी। इसके दूसरे ही दिन माफिया के चाचा का ट्रेक्टर भी मय सीडड्रिल के जप्त कर वन अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
दरअसल मामला ये है कि बीट जौहरी में बीट प्रभारी जगदीश जाटव वन रक्षक अपने कर्तव्यों के प्रति बफादारी निभाते हुए अपने स्टाफ के साथ रात में वन भूमि से ट्रेक्टर रोकने पहुंचे। हुआ ये कि 9 जुलाई 25 को कक्ष क्रमांक आरएफ-549 में बरौदिया-दोहरदा रोड के पास पर्वत धाकड़ पुत्र भोला धाकड़ निवासी जौहरी और सचिन धाकड़ पुत्र परसादी निवासी बरौदिया द्वारा वन भूमि पर अवैध रूप से हकाई-जुताई की सूचना प्राप्त हुई। उक्त सूचना रात लगभग 11 बजे मिलते ही विष्णुपुरा और हमराह स्टाफ के साथ मौका स्थल पर पहुंचे तो वह रोड के पास ही दोनों व्यक्ति दिखे और ट्रेक्टर भी दिखाई दिया। दोनों ने स्टाफ देखते ही ट्रेक्टर को भगाना शुरू कर दिया और पीछा किया तो झूमाझटकी शुरू कर दी। इस दौरान बदतमीजी करते हुए गालियां दीं और जातिसूचक अपशब्द कहे। भूमाफियाओं ने यह भी कहा कि जैसे पुराने स्टाफ को हटाया है वैसे ही तुम्हारी हालत करेंगे। हम लोगों की पहचान डायरेक्ट अधिकारी से है। डीएफओ और रेंजर तो हम जेब में रखते हैं। जिनके खिलाफ पीओआर क्रमांक 118/32 दिनांक 9 जुलाई 25 को जारी की गई है। जबकि पहले भी नीतेश डेहरिया वन परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा उक्त भूमि से 16/11/24 को गड्ढे लगवाए गए थे।
बीट ढीमरपुरा में भी हुआ है इनके परिवार पर अपराध दर्ज
बमौरी विधानसभा में फतेहगढ़ और बमौरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भूमाफियाओं की मनमानी चल रही है। बीट प्रभारी जंगलों में तैनात है उनको दबाने का प्रयास करते हैं। वन भूमि को हथियाने और जंगल काटने वालों से भिड़ंत भी हो जाती है तो अफसर अपने कर्मचारियों का तक साथ तक नही देते, ऐसी स्थिति में जंगलों की कैसे रक्षा होगी यह बड़ा सवाल है। जौहरी की घटना के दूसरे ही दिन ढीमरपुरा में गिर्राज पुत्र ज्ञानी धाकड़ निवासी जौहरी का लाल रंग का महेंद्रा ट्रैक्टर मय सीडड्रिल डीआई 575 जिसका नंबर एमपी08 एसी3877 है। जिसे बीट ढीमरपुरा से कक्ष क्रमांक आरएफ 590 में वनभूमि पर हकाई जुताई करते पकड़ा गया है। जिसका वन अपराध प्रकरण 113/28 दिनांक 10/7/25 दर्ज किया गया है। यह ट्रेक्टर पर्वत धाकड़ के चाचा का है और वह स्वयं भी वन अपराध में लिप्त है।
जिला गुना से व्यूरो चिफ गोलू सेन की रिपोर्ट