राज मिश्रा (सिंगरौली)
अव्यवस्थाओं का दंश झेल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है कमी
सिंगरौली /देवसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर अव्यवस्था का दंश झेल रहा है स्वास्थ्य केंद्र में इस समय सिर्फ दो डॉक्टर हैं दिन में जहां डॉक्टर संजय पटेल की ड्यूटी रहती है वही रात में बीएमओ सिंह मरीजों को देखते हैं तो वही प्रतिदिन औसतन दिन में 300 से ज्यादा ओपीडी को अकेले डॉक्टर संजय पटेल देख रहे हैं , हालांकि महिने पहले चिकित्सालय में दंत चिकित्सक सहित तीन डाक्टर रहते थे लेकिन इस समय सिर्फ दो ही डॉक्टर अस्पताल में है जहां मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है ।
अस्पताल में स्टाफ की है कमी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर में जहां प्रतिदिन 300 से ज्यादा ओपीडी रहती है वही स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी होने मरीज को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है तो वहीं स्वास्थ्य केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञक शिशु रोग विशेषज्ञक एवं सर्जन की जरूरत है जहां प्रसूति महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी ना होने पर 60 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय बैढ़न के लिए रेफर करना पड़ता है ।
महीनों से खराब पड़ा है हैंडपंप
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर में जहां प्रतिदन सैकड़ो की संख्या में मरीज आते हैं तो वहीं स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हैंड पंप महीनों से बंद पड़ा हुआ है , जिससे मरीजों को पेय जल के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो वही जिम्मेदार इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल बनाने की उठ रही माग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर में औसतन 300 से 400 की ओपीडी प्रतिदिन रहती है लेकिन सुविधाओं की कमी एवं अव्यवस्थाओं के वजह से मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है वही मरीज उपचार के लिए अन्य अस्पतालों एवं प्राइवेट चिकित्सालय में जाते हैं तो वहीं लंबे अरसे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल में उन्नयन करने की मांग क्षेत्र की जनता एवं गणमान्य नागरिक उठाते रहे हैं हालाकि क्षेत्रीय विधायक विश्वामित्र पाठक भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल उन्नयन हेतु प्रयासरत हैं अब देखना यह है कि कब तक में यह सिविल अस्पताल में उन्नयन हो पाता है।