ना दिन देखा, ना रात… पुलिस सेवा बनी श्रद्धा की मिसाल
जनता बोली—ऐसी पुलिस को सलाम, जहां सेवा पहले, दिखावा नहीं
सहारनपुर। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है, और इसी दौरान सहारनपुर पुलिस व प्रशासन ने जो सेवा भावना और समर्पण दिखाया है, वह अपने आप में एक मिसाल बन चुका है। न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है, बल्कि श्रद्धालुओं की हर जरूरत का ख्याल रखते हुए अधिकारी और पुलिसकर्मी स्वयं जमीन पर उतरकर कार्य कर रहे हैं।
एसएसपी व डीएम खुद ले रहे मोर्चा
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी स्वयं कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। जगह-जगह राहत शिविर, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, शीतल जल वितरण, महिला सहायता बूथ और नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है।
पुलिस सेवा बनी श्रद्धा का प्रतीक
सड़क पर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ सुरक्षा का जिम्मा उठाया है, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा में जो भाव दिखाया, वह जनमानस को भावुक कर गया। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी स्वयं पानी पिलाते, ORS देते, श्रद्धालुओं के जूते उठाते और बुजुर्गों को सहारा देते नजर आए।
मानवता की मिसाल बनी खाकी वर्दी
धूप हो या बारिश, दिन हो या रात—पुलिसकर्मी बिना थके डटे हुए हैं। यह सेवा भावना अब सोशल मीडिया पर भी छाई हुई है। लोगों ने सहारनपुर पुलिस को ‘भोले के सच्चे भक्त’ की उपाधि दी है।
यातायात प्रबंधन से लेकर मेडिकल सुविधा तक सबकुछ मुस्तैद
ट्रैफिक रूट डायवर्जन, CCTV से निगरानी, नियंत्रण कक्ष की सतर्कता और इमरजेंसी रिस्पांस टीम—all systems go. महिला पुलिस भी विशेष रूप से सक्रिय है, जो महिला श्रद्धालुओं की सहायता में हर समय मौजूद है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़