नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
हजारीबाग में महापुरुषों की प्रतिमाएं खंडित, प्रशासन पर सवाल और जन आक्रोश।
हजारीबाग: जिले में असामाजिक तत्वों द्वारा प्रायोजित तरीके से की गई तोड़फोड़ की घटनाओं ने शहर को स्तब्ध कर दिया है। वीर स्वतंत्रता सेनानियों सिधू और कान्हू मुर्मू की प्रतिमाओं के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कृष्णा बल्लभ सहाय की प्रतिमा को भी निशाना बनाया गया। इस घटना ने न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है, बल्कि इसे शहर के बीचों-बीच प्रशासन को खुली चुनौती और समाज के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन कृत्यों पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह केवल मूर्तियों का खंडन नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश के इतिहास का अपमान है। इन घटनाओं को प्रशासन की नाक के नीचे, शहर के प्रमुख चौराहों पर बेखौफ अंजाम दिया जाना, अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाता है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
नागरिक समाज इस बात को लेकर भी शर्मिंदा और व्यथित है कि जिन महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, आज उनकी प्रतिमाओं को भी सुरक्षित नहीं रखा जा पा रहा है। इसे पूरे समाज के मुंह पर एक “तमाचा” करार दिया जा रहा है।
हजारीबाग जिला प्रशासन से इन घटनाओं पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। मांग की जा रही है कि 24 घंटे के भीतर अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक और निंदनीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना हजारीबाग के शांतिप्रिय माहौल को बाधित करने का प्रयास मानी जा रही है, और अब प्रशासन के सामने इन असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने और शहर में शांति व सौहार्द बहाल करने की चुनौती है।