पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को मंदिरों
में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु कांवरियों का जत्था आना शुरू हो गया है सोमवार से ठीक पहले आपको हर मुख्य मार्ग पर गेरुआ वस्त्र धारी, श्रद्धालु कांवरिया ही दिखाई देंगे । ऐसा ही कुछ नजारा गोरखपुर से पिपराइच मुख्य मार्ग पर भी देखने को मिला ,जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही जो पिपराइच स्थित मोटेश्वर नाथ मंदिर पर जलाभिषेक करेंगे। इस वजह से जगह-जगह जाम की स्थिति भी बनी रही और उसका एक मुख्य कारण प्रशासन द्वारा जारी मानक के विपरीत दुर्घटनाओं को निमंत्रण देते डीजे संचालकों द्वारा डीजे की चौड़ाई और ऊंचाई को नजरअंदाज किया जाना है, मार्ग के एक तिहाई भाग को कवर करने के कारण आवागमन में दिक्कत के साथ हर पल बिजली के तारों को छुने का भय रहता ही है,ऊपर से उसकी तीव्र आवाज जो गंभीर मरीजों के साथ साथ आम नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बना रहता है। प्रशासन को कावड़ यात्रा गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने की आवश्यकता है साथ ही साथ श्रद्धालुओं एवं डीजे संचालकों को भी इसपर ध्यान देने की जरूरत है।जिससे किसी भी प्रकार की होने वाली अप्रिय दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
रिपोर्ट- सतीश तिवारी
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)