जनपद में बाढ़ राहत कार्यों के निरीक्षण के क्रम में कुछ पल ऐसे भी देखने को मिले जब प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों के साथ मिलकर आपदा को सीख में बदल दिया। कालपी तहसील के मंगरौल स्थित कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को जब जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार पहुंचे, तो वहां पढ़ रहे बच्चों के लिए यह दिन विशेष बन गया। अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर उन्हें “बाढ़ की पाठशाला” के अंतर्गत बाढ़ से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सरल भाषा में बच्चों को बताया कि बाढ़ क्यों आती है, इसके क्या प्रभाव होते हैं और इससे किस प्रकार सतर्क रहकर निपटा जा सकता है। उन्होंने बच्चों को संचारी रोगों की रोकथाम हेतु साफ-सफाई, उबला पानी पीने और मच्छरों से बचाव जैसे उपायों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि बाढ़ जहां एक ओर जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है, वहीं दूसरी ओर यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक भी हो सकती है। उनका संवाद शिक्षाप्रद होने के साथ-साथ बच्चों के लिए प्रेरणादायक भी रहा।पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बच्चों को आपातकालीन स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को सिखाया कि संकट के समय घबराने की बजाय कैसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए और आसपास के लोगों को सतर्क करना चाहिए। बच्चों ने उत्सुकता से सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक उत्तर दिया। इस संवादात्मक पहल से विद्यालय का वातावरण शिक्षा, सुरक्षा और जागरूकता का केंद्र बन गया। “बाढ़ की पाठशाला” बच्चों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई, बल्कि उन्हें विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वासी बनने की दिशा में भी प्रेरित किया।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश