नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
गरीब बच्चों के सपनों को पंख दे रहा है ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी
ससं जागरण हजारीबाग। शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने का काम कर रहा है हजारीबाग का ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी। पीडब्ल्यूडी चौक स्थित यह महाविद्यालय उन गरीब और मेधावी छात्रों के लिए उम्मीद का सहारा बन चुका है, जो आर्थिक तंगी के बावजूद जिंदगी में कुछ कर गुजरने का हौसला रखते हैं। यहां पढ़ने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं,
महाविद्यालय में फार्मेसी की पढ़ाई आधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में कराई जाती है। डिप्लोमा इन फार्मेसी (D. Pharma) और बैचलर ऑफ फार्मेसी (B. Pharma) के तहत छात्रों को दवा निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, अस्पताल प्रबंधन, क्लिनिकल फार्मेसी और फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री जैसी विषयगत जानकारी दी जाती है। नियमित प्रैक्टिकल, अस्पताल विजिट और औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों को कार्यक्षेत्र का वास्तविक अनुभव मिलता है। ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी, उत्तरी छोटानागपुर कमिश्नरी में विनोबा भावे विश्वविद्यालय का पहला कॉलेज बना जिसने फ़ार्मेसी के क्षेत्र में पहल की। इससे झारखंड के लोगों को अब इस क्षेत्र में पढ़ाई के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
निदेशक शंभू कुमार ने कहा यहां से पास होने वाले विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित है। प्लेसमेंट सेल ने पिछले कुछ वर्षों में देश की नामी फार्मा कंपनियों, सरकारी व निजी अस्पतालों और हेल्थकेयर सेक्टर में सैकड़ों छात्रों को रोजगार दिलाया है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन सालों में लगभग 70 प्रतिशत विद्यार्थियों को कैंपस इंटरव्यू और रोजगार मेलों के जरिए सीधी नियुक्ति मिली है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यहां छात्रवृत्ति योजनाएं भी संचालित हैं। राज्य सरकार की पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप, मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना और कन्या शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत कई छात्र-छात्राओं को फीस में राहत की सुविधा दी जाती है। ट्रस्ट और सामाजिक संस्थाएं भी समय-समय पर मेधावी छात्रों को आर्थिक मदद देती हैं।
महाविद्यालय से निकल चुके कई विद्यार्थी आज राज्य और देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों, मेडिकल स्टोर्स और दवा कंपनियों में कार्यरत हैं। कुछ ने स्वयं का मेडिकल स्टोर और दवा निर्माण इकाई स्थापित कर रोजगार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। कॉलेज के प्राचार्य नीतू सिन्हा का कहना है कि हमारा लक्ष्य सिर्फ डिग्री देना नहीं,बल्कि ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो समाज और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें।
अभिभावकों का मानना है कि ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी ने हजारीबाग के शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम की है। यहां से निकलने वाले विद्यार्थी न केवल अपनी जिंदगी बदल रहे हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी एक नई दिशा दे रहे हैं। यही वजह है कि यह संस्थान आज हजारीबाग की शैक्षणिक पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है।