जिला-सिवनी ब्यूरो चीफ
अनिल दिनेशवर
@ सीवन,रिटायर्ड चीले की फ़ौज कॉलेज में कर रही है मौज
कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिम्मेदार मौन हैं क्या रसूखदारों की रसुखि इतनी परिपक्व है कि नियमो की खुलेआम धज्जियां आसानी जे उड़ाई जा सके लेकिन चीले की भृष्ट मंडली अभी भी दोनों हाथ से माल बटोर रही है समाजसेवी शंकर मखीजा सर्वाधिक शिकायत कागजी रूप से जिम्मेदारों के खिलाफ कर चुका है लेकिन सतीश अपने भ्रष्ट चेलों के साथ रिटायर्डमेन्ट के बाद भी पीजी कॉलेज में सुबह 11 बजे से 5 बजे तक गुप्त गु करता रहता है कानून को अपनी जेब में रखने वाले सतीश चिले को सलाम करते हैं आरोप भी तय है और जांच में भी दोषी पाय गए हैं एवं जेल पहुँचना भी निश्चित है किंतु जिले में कोई ईमानदार अधिकारी जब तक न आ जाये तब तक शायद यही चलता रहेगा और शासन के नियमो की धज्जियां ऐसे ही उड़ाई जाते रहेंगी
एक प्रोफेसर दिन में दो जगह नोकरी कैसे कर सकता है 11 बजे नोकरी सिवनी में हो रही है और 11 बजे से ही लखनादौन कॉलेज में भी चल रही है क्या यह भ्रष्ट व्यक्ति अवतारी पुरुष या ईक्षाधारी व्यक्ति है जिसे एक ही समय में दो जगह उपस्थित होने की शक्ति प्राप्त है
इनका जेल पहुँचना तो दूर की बात उल्टा इनके ठाट बाट से घूमना प्रशासन की मिलीभगत को उजागर करता है उसी तरह अकाउंटेंट सनोडिया रंगीला बाबू के नाम से प्रसिद्ध इस भृष्ट का ट्रांसफर15 दिनों से हुआ है लेकिन एक भृष्ट दूसरे भृष्ट को छोड़ नही पा रहा है ये कैसी विडंबना बनी हुई है क्या सारे नियम कानून को इतने आसानी से तोड़ना इतना आसान हो गया है