शिक्षण की नई पहल: डीएलएड छात्रों ने चंदेरी किले का किया शैक्षणिक भ्रमण, इतिहास और कला से हुए रूबरू। सकरार
(न्यूज रिपोर्टर जितेंद्र कुमार सैनी)
शिक्षा को किताबी ज्ञान से परे ले जाते हुए, श्री दूधनाथ सर्वोदय महाविद्यालय सकरार, झाँसी ने एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की है। महाविद्यालय के डीएलएड (D.El.Ed) छात्रों के लिए मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक चंदेरी किले का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्राचार्य डॉ. अशोक यादव ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक और प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था।
इस भ्रमण के दौरान, डीएलएड विभागाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने छात्रों का सक्रिय रूप से मार्गदर्शन किया। उन्होंने छात्रों को चंदेरी के गौरवशाली दुर्ग के इतिहास और इसकी अद्वितीय स्थापत्य कला के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कुछ छात्रों ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि विभागाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने उन्हें ऐतिहासिक इमारतों – नौखंडा महल, हौज़-ए-खास और शाही मस्जिद – की बारीकियों को समझने में मदद की। छात्र छात्राओं ने कहा, “सर ने हमें बताया कि कैसे इन इमारतों में मुगल, राजपूत और बुंदेला शैलियों का अद्भुत मिश्रण है। यह ज्ञान हमें सिर्फ किताबों से नहीं मिल सकता था।”
इस शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से छात्रों को न केवल इतिहास की गहरी समझ मिली, बल्कि उन्होंने अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ने का अनुभव किया। यह शैक्षणिक भ्रमण भविष्य के शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ, जिससे वे अपने छात्रों को भी प्रभावी और रोचक ढंग से इतिहास पढ़ा सकेंगे।