दुद्धी में खाद संकट गहराया, समितियों के बाहर किसानों का प्रदर्शन , पुलिस बल तैनात
दुद्धी, सोनभद्र।खरीफ सीजन के बीच खाद संकट गहराने से किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। धान, मक्का और दलहन जैसी फसलों पर अब बर्बादी का खतरा मंडराने लगा है। समय पर खाद उपलब्ध न होने से खेतों में पौधों की जड़ें पीली पड़ने लगी हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
गांव-गांव के किसान पिछले कई दिनों से समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। दुमहान, कादल और आसपास के गांवों के किसान तीन-चार दिन से लगातार समितियों के बाहर कतारों में लगे हैं। इनमें दुमहान निवासी उदय कुमार, मुन्नी लाल, रामशकल निवासी रजखड़ और गंगेश्वर कुमार ,रामदया जैसे कई किसान शामिल हैं, जो कई दिनों से खाद की तलाश में भटक रहे हैं।
खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों ने मंगलवार सुबह दुमहान स्थित सहकारी समिति के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि डिमांड के अनुसार सप्लाई नहीं हो रही, वहीं निजी दुकानदारों द्वारा दो से तीन गुना दाम पर खाद बेचे जाने से ब्लैक मार्केटिंग भी चरम पर है। सीमांत और छोटे किसान बिचौलियों से महंगे दाम पर खाद खरीदने की स्थिति में नहीं हैं।
खाद वितरण के दौरान मंगलवार को दुद्धी क्रय विक्रेय समिति में सैकड़ों किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालात बेकाबू न हों, इसके लिए मौके पर पीएसी के जवान तैनात किए गए। किसानों की भीड़ इतनी अधिक थी कि कई किसान धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के चलते वापस लौट गए। समिति परिसर और बाहर किसानों की लंबी कतारें तड़के सुबह से ही देखी जा रही है।
किसानों का आरोप है कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दिनभर इंतजार करना पड़ता है, लेकिन शाम तक कई बार खाली हाथ घर लौटना पड़ता है।
आक्रोशित किसानों ने जिलाधिकारी और कृषि विभाग से मांग की है कि समय रहते यूरिया और अन्य खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा इस सीजन की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। किसानों का कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो इसका सीधा असर केवल किसानों की आय पर ही नहीं बल्कि आम जनता की थाली पर भी पड़ेगा। आने वाले दिनों में बाजार में अनाज की कीमतें आसमान छू सकती हैं और अन्न संकट जैसी स्थिति खड़ी हो सकती है।
सोनभद्र, तहसील रिपोर्टर दुद्धी, विवेक सिंह