नरेश सोनी
हजारीबाग: पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) ने एक संगठित अपराधी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह हजारीबाग और कोडरमा जिले में सक्रिय था और सीसीएल (CCL) आउटसोर्सिंग कंपनियों के वाहनों को आग लगाने जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देता था।यह सफलता तब मिली जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चरही थाना क्षेत्र के तापिन नॉर्थ जंगल में कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही एसआईटी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जंगल में छापेमारी की।
गिरोह ने कबूली कई वारदातें छापेमारी के दौरान टीम ने घटनास्थल से सात अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में, उन्होंने 24 अगस्त 2025 को सीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनी आरकेएस सीपीएल के व्यू प्वाइंट पर छह वाहनों को आग लगाने और 10 फरवरी 2025 को चरही के चलिया टॉड जंगल में तीन ट्रैक्टरों को जलाने की बात स्वीकार की। इन घटनाओं के संबंध में चरही थाने में पहले से ही मामला दर्ज था। गिरफ्तार अपराधी और बरामदगी
गिरफ्तार अपराधियों में इमदाद रजा (21), सचिन कुमार रविदास (24), अफसर वारिस (21), छोटन कुमार रविदास (22), साहिल रजा (18), गणेश यादव (20), और सुनील कुमार दास (29) शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग गांवों और जिलों के निवासी हैं।
पुलिस ने इन अपराधियों के पास से कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद की हैं, जिनमें: 6 जिंदा गोलियाँ, 3 चाकू,एक बोलेरो नियो गाड़ी, 6 मोबाइल फोन,सीसीएल से संबंधित कुछ पर्चे यह गिरफ्तारी हजारीबाग पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े आपराधिक गिरोह को निष्क्रिय कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।