केशव साहू जिला ब्यूरो
खैरागढ़ जिले की टूटी-फूटी सड़कों पर अब जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। खैरागढ़ के युवक दिनेश साहू ने ऐसा अनोखा विरोध किया, जिसने प्रशासन और नेताओं दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों को माला पहनाई गई, अगरबत्ती जलाई गई और नारियल चढ़ाकर बाकायदा पूजा की गई। इस व्यंग्यात्मक प्रदर्शन का वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इसे नेताओं के झूठे वादों और प्रशासन की नाकामी पर करारा प्रहार बता रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क की दुर्दशा किसी एक जगह की नहीं बल्कि पूरे जिले की है।
खैरागढ़ जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले दुर्ग, धमधा, कवर्धा, राजनांदगांव, लाँझी और डोंगरगढ़ रोड पर गड्ढों का ऐसा आलम है कि सड़कें गायब और गड्ढे ही गड्ढे नज़र आते हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन मरम्मत का नाम तक नहीं। चुनावी मंचों से विकास और चमचमाती सड़कों के वादे करने वाले नेता अब खामोश हैं और जिम्मेदार अधिकारी फाइलों में रिपोर्ट दबाकर बैठे हैं। मीडिया से बातचीत में दिनेश साहू ने कहा, “मैं रोज़ाना जिला मुख्यालय आता-जाता हूँ। खराब सड़कों से आम लोग परेशान हैं, दुर्घटनाएँ लगातार हो रही हैं। प्रशासन सड़क बनाना तो छोड़िए, बनी हुई सड़कों की मरम्मत तक नहीं कर पा रहा। मैंने गड्ढों की पूजा इसलिए की ताकि नेताओं और अधिकारियों को शायद सद्बुद्धि मिले। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग तंज कस रहे हैं—“खैरागढ़ में सड़कें नहीं, गड्ढों का तीर्थ है”, तो कोई लिख रहा है, “यह है सरकार के विकास का असली चेहरा।” जनता खुलेआम सवाल कर रही है कि आखिर कब तक खैरागढ़ की सड़कें मौत का जाल बनी रहेंगी और कब तक नेताओं के वादे कागज़ों तक सीमित रहेंगे। दिनेश साहू का यह अनोखा प्रदर्शन महज़ सड़क के गड्ढों की पूजा नहीं है, बल्कि यह नेताओं के वादों और प्रशासन की नाकामी पर जनता का दर्द और गुस्सा है। वायरल वीडियो ने साबित कर दिया है कि अब खैरागढ़ की जनता को झूठे वादे नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।