बरेली। जिले का सबसे बड़ा इनामी अपराधी सुमित चौधरी अब पुलिस की गिरफ्त में है। मुरादाबाद के हजरतगढ़ी थाना क्षेत्र का रहने वाला सुमित साल 2018 में बदायूं जेल से कुख्यात साथी चंदन की मदद से दीवार फांदकर फरार हो गया था। उस पर प्रदेश के एडीजी अपराध ने दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
एसटीएफ ने लंबे समय तक उसकी तलाश की। इतना शातिर था कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल बेहद कम करता था और सर्विलांस में पकड़ नहीं आता था। एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कादिर के मुताबिक सुमित पीलीभीत और टनकपुर के रास्ते दोबारा नेपाल भागने की फिराक में था। टीम ने उसे भारत-नेपाल सीमा के पास दबोच लिया और बदायूं लेकर सिविल लाइंस थाने में लिखापढ़ी के बाद जेल भेजा जाएगा।
सुमित का नाम पहली बार उस वक्त चर्चा में आया था, जब उसने 23 फरवरी 2015 को डिलारी के गांव हिमांयूपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। योगेंद्र उस समय रिंकू चौधरी हत्याकांड में जेल में बंद था और पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था।
सितंबर 2015 में सुमित को मुरादाबाद से बदायूं जेल शिफ्ट किया गया। 12 मई 2018 को उसने कुख्यात अपराधी चंदन के साथ मिलकर जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया। तब से पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई थी। अब बरेली एसटीएफ ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पवन पाण्डेय
ITN National
जिला संवाददाता बरेली