जोधपुर : स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से नकली और घटिया दवाओं का बाजार गर्म है। बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर्स पर एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक और कफ सिरप बिक रहे हैं, जो बच्चों और आम लोगों के लिए जानलेवा हैं। सेल्फ-मेडिकेशन के खतरे:बच्चों पर असर: नकली एंटीबायोटिक्स (जैसे अमॉक्सिसिलिन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन) और कफ सिरप से इम्यून सिस्टम कमजोर, ऐंठन, सांस की तकलीफ और मौत का खतरा।
हालिया मामले: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान (चुरू, सीकर, भरतपुर) में घटिया कफ सिरप से बच्चों की मौतें।
एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस: गलत दवाओं से इलाज असफल, किडनी-लीवर डैमेज।
40+ बैच फेल: एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक और विटामिन सप्लीमेंट्स गुणवत्ता में फेल।
दवाओं का वर्गीकरण और नियम:अनुसूची
H: प्रिस्क्रिप्शन जरूरी (उदा. एंटीबायोटिक्स, एंटीहिस्टामाइन)।
अनुसूची H1: विशेष एंटीबायोटिक्स (उदा. सेफ्ट्रियाक्सोन), बिक्री रिकॉर्ड अनिवार्य।
अनुसूची X: नशे की लत वाली दवाएं (उदा. डायजेपाम), सख्त नियंत्रण।
अनुसूची G: हार्मोनल दवाएं, चिकित्सकीय देखरेख जरूरी।
अनुसूची J: भ्रामक विज्ञापनों पर रोक।
सेल्फ-मेडिकेशन के जोखिम:गलत निदान, दुष्प्रभाव (एलर्जी, जी मिचलाना), लत, ओवरडोज से मृत्यु।
एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस, नकली दवाओं से मिलावट का खतरा।
बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में विशेष खतरा।
सुरक्षा उपाय:डॉक्टर से सलाह लें: दवाएं बिना प्रिस्क्रिप्शन न लें।
वैध फार्मेसी चुनें: कैश मेमो लें, साइड इफेक्ट होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
जागरूकता:
गैर-औषधीय विकल्प आजमाएं, खुराक का पालन करें।
स्वास्थ्य विभाग को शिकायत: नकली दवाओं की रिपोर्ट करें।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही:65 कंपनियों की जांच शुरू, एक अधिकारी सस्पेंड।
जांच में देरी से नकली दवाएं बाजार में।
मांग: जागरूकता अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल क्लीनिक बढ़ाएं।
चेतावनी: बच्चों की सेहत से खिलवाड़ न करें! डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां न लें। #स्वास्थ्य #दवाएँ #आत्मचिकित्सा #स्वास्थ्यसुरक्षा #नकलीदवाएं #बच्चोंकास्वास्थ्य #जोधपुर #राजस्थान