दो बाइकों पर चार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के सवार देखे गए। हालांकि उनकी रफ्तार तेज़ नहीं थी, लेकिन यह दृश्य स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। सवाल उठता है कि क्या कानून केवल आम जनता के लिए है? क्या पुलिस कर्मियों के लिए कोई नियम नहीं, या फिर उन्हें किसी का भय नहीं है? जब कानून के रखवाले ही नियम तोड़ेंगे तो आम नागरिकों से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
लोकेशन:
अडिग बायपास, गोवर्धन, ज़िला मथुरा
पूरी खबर (विस्तार से):
अडिग बायपास पर रविवार को राहगीरों ने देखा कि दो मोटरसाइकिलों पर चार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के सवार थे। वे किसी कार्य पर जा रहे थे, रफ्तार भले तेज़ नहीं थी, लेकिन उनके सिर पर सुरक्षा हेलमेट का न होना कानून के पालन पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर गया।
लोगों का कहना है कि पुलिस आम जनता पर चालान कर नियमों का हवाला देती है, मगर खुद ही सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी कर रही है।
एक तरफ एसएसपी मथुरा द्वारा जिले में ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कानून के रखवाले ही ट्रैफिक नियामक नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई हो ताकि जनता के बीच पुलिस की साख बनी रहे और कानून का सम्मान हर स्तर पर कायम रहे।
रिपोर्टर – अजय सोलंकी, मथुरा