प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका प्रियंका बनीं तकनीकी क्रांति की मिसाल
फतेहगंज पश्चिमी, बरेली । प्राथमिक विद्यालय औंध की शिक्षिका प्रियंका शर्मा ने सीमित संसाधनों में शिक्षा को तकनीकी और रोचक बनाकर नई मिसाल पेश की है। वे बच्चों को पढ़ाने के लिए स्मार्टफोन, प्रोजेक्टर और डिजिटल ऐप्स का उपयोग करती हैं। प्रियंका शर्मा ने विद्यालय में हृडिजिटल लर्निंग कॉर्नरह्व बनाया है, जहाँ बच्चे टैबलेट और लैपटॉप से अभ्यास करते हैं। इससे छात्रों की उपस्थिति और सीखने का स्तर दोनों बढ़े हैं। विद्यालय प्रशासन ने भी उनके प्रयासों की सराहना की है। उनका यूट्यूब चैनल चैनल अब शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है, जहाँ वे रोजमर्रा की स्कूल गतिविधियाँ, प्रयोग और इंटरैक्टिव क्लास साझा करती हैं। अब उन्होंने तकनीकी नवाचार का एक और कदम उठाते हुए चैट जीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू किया है, जिससे प्रक्रिया तेज और निष्पक्ष हो गई है। प्रियंका शर्मा का कहना है तकनीक कोई विलासिता नहीं, बल्कि शिक्षा की नई दिशा है। उनके प्रयासों ने यह साबित किया है कि सरकारी विद्यालयों में भी तकनीक से बदलाव संभव है।
प्रवन पाण्डेय
ITN National
जिला संवाददाता बरेली