नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग।
पुलिस स्मृति दिवस पर BSF प्रशिक्षण संस्थान में शहीदों को श्रद्धांजलि
महानिरीक्षक धीरेन्द्र कुटे ने किया शहीदों के नाम का वाचन; राष्ट्र की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को किया नमन
हजारीबाग। 21 अक्टूबर 2025 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रशिक्षण संस्थान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
शहीद स्मारक पर नमन
इस अवसर पर महानिरीक्षक (IG) श्री धीरेन्द्र कुटे, भा.पु.से., (प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय तथा सहायक प्रशिक्षण केंद्र) ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया और देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों के नामों का वाचन किया। इसके उपरांत, शहीदों के सम्मान में एक विशेष परेड दस्ते द्वारा सलामी दी गई तथा सभी उपस्थित अधिकारीगण, जवानों एवं स्टाफ सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
शहीदों का बलिदान प्रेरणास्रोत
महानिरीक्षक महोदय ने अपने संवेदी संबोधन में कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन अमर जवानों की याद दिलाता है जिन्होंने कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि इन वीरों का बलिदान हमें राष्ट्र की सेवा के लिए और अधिक समर्पण, निष्ठा एवं साहस के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, “शहीदों की कुर्बानी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। सीमा सुरक्षा बल का प्रत्येक कार्मिक राष्ट्र की सुरक्षा को अपना परम कर्तव्य मानता है और उसकी रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से कभी पीछे नहीं हटता।”
66वां पुलिस स्मृति दिवस
ज्ञात हो कि राष्ट्र इस वर्ष 66वां पुलिस स्मृति दिवस मना रहा है। यह दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी हमले के दौरान शहीद हुए सी.आर.पी.एफ. के 10 वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है।
इस अवसर पर यह जानकारी दी गई कि 01 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 की अवधि में पुलिस एवं केन्द्रीय सशस्त्र बलों के अनेक कर्मियों ने राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इनमें सीमा सुरक्षा बल के कुल 23 कार्मिक शहीद हुए। उनकी इस शहादत को नमन करने तथा उनके अमर योगदान को याद करने हेतु यह दिवस मनाया जाता है।