नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग छठ घाट पर ‘अंधेरा’ और ‘रजनीगंधा’ का होर्डिंग: श्रद्धालुओं में भारी रोष, प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
हजारीबाग। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर हजारीबाग झील परिसर, जो वर्षों से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है, इस बार व्यवस्थागत खामियों और एक आपत्तिजनक होर्डिंग के कारण चर्चा में रहा। 27 अक्टूबर 2025 की संध्या को पहले अर्घ्य के दौरान झील परिसर के मुख्य घाट पर घंटों अंधेरा छाया रहा, जिससे भक्तों में जिला प्रशासन के प्रति उदासीनता नजर आई।
प्रशासन की तैयारी और संयुक्त पहल
छठ पर्व से पूर्व, जिला प्रशासन ने महापर्व को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की थी।
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अनजान ने स्वयं संयुक्त रूप से झील के चारों ओर की कचरे को साफ किया ताकि आस्था में कोई ठेस न पहुंचे।
प्रशासन ने 3 किलोमीटर में फैले इस परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया था, जिनमें शामिल थे:
महिलाओं के लिए कपड़े बदलने की सुविधा।
टॉयलेट और पीने के पानी की व्यवस्था।
झील में डूबने से बचाव के लिए गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम की तैनाती।
गाड़ियों के सुव्यवस्थित आवागमन के लिए रूट मैप तैयार करना।
अंधेरे पर भक्तों का फूटा गुस्सा
हालांकि, प्रशासन की इन तमाम तैयारियों के बावजूद, संध्या के अर्घ्य के समय बिजली गुल होने या रोशनी की कमी के कारण घंटो तक अंधेरा छाया रहा। समाजसेवी अभिषेक ने इस निंदनीय अंधेरेपन पर चिंता व्यक्त की और जनप्रतिनिधियों के लापता होने की बात कहते हुए प्रशासन से तत्काल ध्यान देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “यह आस्था और मन्नत का पर्व है, प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।”
आपत्तिजनक होर्डिंग से बवाल
अंधेरे की समस्या के अलावा, नगर निगम की कथित अनियमितता से घाट परिसर में ‘रजनीगंधा’ (धूम्रपान से संबंधित उत्पाद) का होर्डिंग लगाए जाने पर श्रद्धालुओं में भारी गुस्सा देखने को मिला।
श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से कड़ी अपील करते हुए कहा कि इस तरह का धूम्रपान से संबंधित होर्डिंग उनके पवित्र त्योहार के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करे और ऐसे होर्डिंग लगाने वाले के ऊपर कानूनी कदम उठाए।
श्रद्धालुओं का कहना था कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां छठ पूजा करने आते हैं, लेकिन प्रशासन की इन दो बड़ी चूक (अंधेरा और रजनीगंधा का होर्डिंग) ने उनकी आस्था को ठेस पहुंचाई है।