इंडियन टीवी न्यूज़
सुशील चौहान
बाल विवाह रोकथाम हेतु जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित
बाल विवाह में शामिल सभी दोषी व्यक्तियों पर होगी त्वरित कार्रवाई
सिवनी/ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार 21 वर्ष से कम आयु के लड़के तथा 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह बाल विवाह कहलाता है जो एक कानूनी अपराध है।इस अपराध में शामिल माता-पिता अभिभावक रिश्तेदार पंडित मौलवी पादरी मैरिज ब्यूरो कैटरर्स प्रिंटिंग प्रेस संचालक घोड़े वाले बाजे वाले तथा विवाह में सम्मिलित सभी व्यक्तियों को दोषी माना जाता है।ऐसे मामलों में एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दो वर्ष तक का कारावास का प्रावधान है।
देवउठनी एकादशी (01-02 नवम्बर 2025) के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को सतर्क रहने एवं त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस उद्देश्य से जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है।
जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल में पूर्वी तिवारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिवनी श्री राजेश लिल्हारे सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास पीयूष बोपचे बाल विकास परियोजना अधिकारी सिवनी शहर एवं कविता दुबे सेक्टर पर्यवेक्षक सिवनी शहर शामिल हैं।
ब्लॉक स्तरीय उड़नदस्ता दल में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा सेक्टर पर्यवेक्षक महिला एवं बाल विकास विभाग सदस्य के रूप में रहेंगे।
उड़नदस्ता दल अपने-अपने क्षेत्रों में विवाह स्थलों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार का बाल विवाह आयोजित न हो।यदि किसी स्थान पर बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है या ऐसा पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
➡️ कंट्रोल रूम की व्यवस्था:
जिला स्तर पर वन स्टॉप सेंटर, सिवनी में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जहां मोबाइल नंबर 9691000769 पर बाल विवाह संबंधी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।ब्लॉक स्तर पर संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है।
बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र के बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को तत्काल सूचित किया जाएगा।साथ ही नजदीकी पुलिस थाना, डायल 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी सूचना दी जा सकती है ताकि बालक-बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों से बचाया जा सके।
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे समाज में व्याप्त इस कुप्रथा के उन्मूलन में सहयोग करें और बाल विवाह की सूचना तत्काल प्रशासन को देकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा करें।