संवाददाता: किशन जायसवाल, बलिया
बलिया। बांसडीहरोड क्षेत्र के शहपुरवा गांव में जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत के मामले में बिजली विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर संबंधित अवर अभियंता (जेई) आनंद जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि संविदा पर तैनात एसएसओ मुकुल उपाध्याय की सेवाएं समाप्त (बर्खास्त) कर दी गई हैं। इसके अलावा संबंधित उपखंड अधिकारी (एसडीओ) का भी स्थानांतरण कर दिया गया है।
विभागीय जांच में सामने आया कि संबंधित क्षेत्र में जर्जर बिजली तारों के रखरखाव और विद्युत व्यवस्था की निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती गई थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे की सूचना देने के साथ ही बिजली आपूर्ति तत्काल बंद करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन मौके पर तैनात एसएसओ ने तुरंत बिजली काटने के बजाय पहले घटनास्थल का वीडियो भेजने की बात कही। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे शहपुरवा गांव के सामने बलिया–बांसडीह मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। सड़क जाम और बढ़ते जनाक्रोश के बाद बिजली विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए।
इस संबंध में विद्युत विभाग, बलिया के अधीक्षण अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि मामले में जेई को निलंबित, संविदा एसएसओ को बर्खास्त तथा संबंधित एसडीओ का स्थानांतरण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच अभी जारी है और दोषी पाए जाने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।