सिरोही।
पिण्डवाड़ा क्षेत्र में जनता ने नेताओं से तोड़ा भरोसा,
अब भगवान के दरबार में लगाई गुहार — वाटेरा में हुआ महायज्ञ
क्षेत्र को प्रस्तावित खनन परियोजना के संकट से उबारने की प्रार्थना, अब प्रभु ही सहारा है
थम्ब बाबा मंदिर प्रांगण में गूंजे वैदिक मंत्र — क्षेत्र की रक्षा की प्रार्थना
डेढ़ महीने से आंदोलनरत जनता अब ईश्वर की शरण में पहुँची
खनन परियोजना से तबाही की आशंका — ग्रामीण बोले, निरस्त करो यह प्रस्ताव!
आंसू, भूख और थकान के बीच अब उम्मीद सिर्फ प्रभु से
वाटेरा में हुआ महायज्ञ — “हे प्रभु, क्षेत्र को इस आपदा से बचा लो”
ग्रामीण बोले — नेता लड्डू खाने में व्यस्त, जनता सड़कों पर त्रस्त
भगवान के दरबार में पहुंची जनता की पुकार — “अब प्रभु हमारी मदद करो
सिरोही।
जिले के पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर चल रहा जनआंदोलन अब एक भावनात्मक मोड़ पर पहुंच गया है। डेढ़ महीने से सड़कों पर संघर्ष कर रही जनता का भरोसा जब नेताओं और जिम्मेदार नुमाइंदों से उठ गया, तो ग्रामीण अब भगवान के शरण में पहुंच गए हैं। वाटेरा गांव के थम्ब बाबा मंदिर प्रांगण में रविवार को ब्राह्मणों द्वारा पूर्ण वैदिक विधि-विधान से महा यज्ञ आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने ईश्वर से एक ही प्रार्थना की “हे प्रभु, हमारे क्षेत्र को इस संकट की घड़ी से निकालो, इस विनाशकारी खनन परियोजना को निरस्त करवाओ।”
यज्ञ का आयोजन पंडित पंकज ओझा के सानिध्य में किया गया, जो सुबह 9 बजे से आरंभ होकर देर शाम तक चला। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण में वेद-मंत्रों की ध्वनि गूंजती रही। ग्रामीणों ने हाथ जोड़कर ईश्वर से क्षेत्र की रक्षा की गुहार लगाई।
ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके नेताओं पर से पूरा विश्वास उठ चुका है। नेताओं की कार्यशैली और भूमिका को लेकर लोगों में गहरा असंतोष है। आंदोलनरत किसानों और आदिवासियों को अब तक न तो कोई ठोस समाधान मिला, न ही वास्तविक मदद। केवल आश्वासन और दिखावटी हमदर्दी से ग्रामीणों का मन टूट चुका है।
अब प्रभु ही हमारी आखिरी उम्मीद
हैं
एक ग्रामीण ने ने बताया कि पिण्डवाड़ा क्षेत्र के वाटेरा, भीमाना, रोहिड़ा और भारजा पंचायत के 12 गांवों में प्रस्तावित 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर यह चूना पत्थर खनन परियोजना लाई जा रही है, जो पूरे क्षेत्र के पर्यावरण, खेतों और आदिवासी जीवन को तबाह कर देगी। इस आपदा से क्षेत्र को बचाने के लिए ग्रामीणों ने शनिवार रात भजन संध्या भी आयोजित की थी। रविवार सुबह महा यज्ञ के माध्यम से क्षेत्र की रक्षा और शांति की कामना की गई। ग्रामीणों ने कहा —“हमारे खेत खतरे में हैं, घर उजड़ने वाले हैं, बच्चे डरे हुए हैं, और नेता लड्डू खाने में मस्त हैं। अब हम सिर्फ ईश्वर से ही प्रार्थना करते हैं कि वो हमारी पुकार सुन लें।”
महा यज्ञ के दौरान भावनात्मक माहौल देखने को मिला। कई महिलाओं की आंखें नम थीं, बुजुर्गों ने आकाश की ओर हाथ उठाकर कहा “हे प्रभु, अब तू ही सहारा है।”
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार इस परियोजना को पूर्ण रूप से निरस्त नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा — धरना, प्रदर्शन और प्रार्थना — तीनों एक साथ चलेंगे मीली जानकारी अनुसार ईडीयन टीवी न्यूज चैनल जालोर संवादाता जबरसिंह राज़ पुरोहित थांवला