नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बालिका व्यक्तित्व विकास शिविर संपन्न; बहनों ने दिखाई प्रतिभा
वैकल्पिक चिकित्सक ने सिखाए एक्यूप्रेशर के टिप्स, स्वस्थ जीवन शैली पर दिया जोर
हजारीबाग: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, मालवीय मार्ग हजारीबाग में आज एक दिवसीय बालिका व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास को निखारना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनोज कुमार कुशवाहा (वैकल्पिक चिकित्सक), विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव ज्ञानचंद प्रसाद मेहता, और प्रधानाचार्य संजीव कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और भारत माता व मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
विद्यालय बालिका व्यक्तित्व विकास प्रमुख आशा दीदी ने विषय प्रवेश कराते हुए बताया कि प्रांतीय योजनानुसार प्रतिवर्ष भैया-बहनों के व्यक्तित्व को निखारने के लिए इन शिविरों का आयोजन किया जाता है।
स्वास्थ्य और एक्यूप्रेशर पर विशेष सत्र
मुख्य अतिथि मनोज कुमार कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में जोर देकर कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ भैया-बहनों का शारीरिक और मानसिक विकास अति आवश्यक है, जिसके लिए उन्हें अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बहनों को स्वस्थ जीवन जीने की शैली पर विस्तृत चर्चा की और विभिन्न रोगों का एक्यूप्रेशर के द्वारा दैनिक जीवन में समाधान करने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने प्राचीन भारतीय ऋषि-मुनियों के आयु वर्ग एवं ऋतु के अनुसार आहार-विहार के महत्व को भी समझाया।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा आकर्षक एवं मनमोहक नृत्य तथा सामूहिक गीत का गायन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम को चार सत्रों में आयोजित किया गया। कक्षा प्रथम से लेकर दशम तक की बहनों ने विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। मौके पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साह से हिस्सा लिया।
प्रश्न मंच और प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम विद्यालय बालिका व्यक्तित्व विकास प्रमुख आशा दीदी और सह प्रमुख ममता दीदी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में प्रधानाचार्य संजीव कुमार झा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम के गायन के साथ हुआ।