नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
“शिलान्यास बोर्ड तोड़कर श्रेय लेना बंद करें” – बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का वर्तमान विधायक पर गंभीर आरोप
बड़कागांव/हजारीबाग: बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने वर्तमान विधायक रोशन लाल चौधरी पर उनके कार्यकाल में शुरू की गई परियोजनाओं का श्रेय लेने के लिए शिलान्यास बोर्ड बदलने का गंभीर आरोप लगाया है। अंबा प्रसाद ने एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि वर्तमान विधायक का एकमात्र एजेंडा उनके द्वारा लाए गए विकास कार्यों के शिलापट्टों को तोड़कर अपना नाम लिखवाना है, जबकि उन्हें नए काम करके दिखाने चाहिए।
“मेरा सारा वक्त जनता की सेवा में निकला”
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान, उनका पूरा समय नई योजनाओं को लाने और जनता की समस्याओं को सुलझाने में बीत जाता था। उन्होंने बताया कि व्यस्तता के कारण वह अपने द्वारा लाई गई कई महत्वपूर्ण योजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास भी नहीं कर पाईं।
उन्होंने वर्तमान विधायक पर निशाना साधते हुए कहा, “जब से रोशन लाल चौधरी जी बड़कागांव के विधायक बने हैं, इनका एक ही एजेंडा है – मेरे शिलापट्ट के बोर्ड को तोड़ कर अपना नाम का शिलापट्ट लगवाना! इसके सिवा और कोई काम नहीं है इनका।”
इन कार्यों पर लगाया आरोप : अंबा प्रसाद ने विशेष रूप से कई परियोजनाओं का उल्लेख किया जिनके शिलान्यास बोर्ड बदलने का दावा उन्होंने किया है। इनमें प्रमुख हैं: डिग्री कॉलेज जिसकी आधारशिला उनके कार्यकाल में रखी गई थी (जिसे तोड़ने की कोशिश का भी आरोप लगाया)। कांडाबेर, किरिगडाह, पतरातु और बड़कागाँव के स्वास्थ केंद्र मॉडलीकरण का कार्य। बचरा रोड का कार्य।
इनके अतिरिक्त दर्जनों अन्य योजनाएं।
“जनता को धोखा देकर चुनाव जीते, काम करने का इरादा नहीं”
पूर्व विधायक ने वर्तमान विधायक पर क्षेत्र में काम न करने का आरोप लगाते हुए कहा, “बड़कागांव की जनता को धोखा देकर आप किसी तरह चुनाव तो जीत गए, लेकिन क्षेत्र में काम करने का आपका कोई इरादा नहीं है।”
उन्होंने विधायक चौधरी को चुनौती देते हुए कहा, “कुछ अपना ख़ुद का प्रयास कीजिए विधायक जी! आप तो बस एक ही काम में लगे हुए हैं कि अम्बा प्रसाद का काम का श्रेय कैसे लें। आप चाहे कुछ भी कर लें, हमारा नाम उस दिन का मिटा नहीं सकते, जिस दिन हमने इन सब योजनाओं को पास कराया।”
यह राजनीतिक खींचतान अब विकास कार्यों के श्रेय लेने की होड़ में बदल गई है, जिस पर बड़कागांव की जनता की निगाहें टिकी हुई हैं।