नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सिरसिया कला के पलट छपरा गांव से एक बेहद दर्दनाक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। तेज बुखार और झटके से पीड़ित 17 वर्षीय किशोरी की इलाज के दौरान मौत के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।घटना का पूरा विवरणमिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी रामसकल कुशवाहा की 17 वर्षीय बेटी सुमन बीते लगभग एक सप्ताह से तेज बुखार से जूझ रही थी। बुखार के साथ उसे बार‑बार झटके भी आ रहे थे, जिससे उसकी हालत लगातार नाजुक होती चली गई। परिवार ने पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी था।रविवार की शाम इलाज के दौरान अचानक सुमन की हालत और बिगड़ गई और चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोरी की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों के अनुसार सुमन पढ़ाई में अच्छी और व्यवहार में सरल स्वभाव की थी, जिसके कारण उसकी मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है।स्वास्थ्य विभाग की सक्रियताघटना की जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. चंद्र प्रकाश तक पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया। सीएमओ ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना प्राप्त हो गई है और सोमवार को चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की एक विशेष टीम गांव में भेजी जाएगी। यह टीम घर‑घर सर्वे कर बुखार व अन्य संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करेगी और आवश्यक जांच‑उपचार की व्यवस्था करेगी।स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल कैंप लगाने की भी तैयारी की है, जहां लोगों की मुफ्त जांच, प्राथमिक उपचार और जरूरत पड़ने पर रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग का दावा है कि किसी भी संभावित संक्रामक बीमारी या बुखारजनित आउटब्रेक को गंभीरता से लेते हुए समय रहते कंट्रोल की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।गांव में दहशत और सवालकिशोरी की मौत के बाद गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल है। लोग तेज बुखार और झटके जैसे लक्षणों को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं और बच्चों‑किशोरों की सेहत पर कड़ी नजर रख रहे हैं। कई ग्रामीण बीते दिनों से बुखार के इक्का‑दुक्का मामलों की भी चर्चा कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग से नियमित कैंप व जांच की मांग कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि अगर शुरू से ही विशेषज्ञ इलाज और समय पर जांच उपलब्ध हो जाती तो शायद सुमन की जान बचाई जा सकती थी। अब गांव के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, जागरूकता बढ़ाने और बुखार के हर मरीज की समय पर जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सिरसिया कला के पलट छपरा से यह विशेष रिपोर्ट आपके लिए लेकर आए न्यूज़ रिपोर्टर राजेश मौर्य।