सोनभद्र ।जनपद के नव सृजित विकासखंड कोन के ग्राम पंचायत कुड़वा में अनियमितताओं के साथ गंदगी का अंबार थमने का नाम नहीं ले रहा। अक्टूबर माह से ग्रामीण सफाई कराने और संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर केवल खानापूर्ति हो रही है।
बताया जाता है कि पूर्व में नाबालिग बच्चों के परिजनों ने उप श्रमायुक्त पिपरी, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर दोषी सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, किंतु मामला सरकारी फाइलों में दब गया। इसी क्रम में गुरुवार को पांडुचट्टान में सफाई अभियान और नाबालिग बच्चों से काम कराने वाले दोषी सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने एडीओ पंचायत कोन सुनील पाल के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि एडीओ पंचायत दोषी सफाईकर्मी का बचाव कर रहे हैं और उनके संरक्षण में पंचायतों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। नाबालिग बच्चों के परिजनों ने पुनः मुख्यमंत्री, श्रमायुक्त श्रम निदेशालय तथा राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग, नई दिल्ली को शिकायती पत्र भेजकर संबंधित अधिकारी और दोषी सफाईकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। आवश्यकता पड़ने पर कोर्ट की शरण में जाने को भी विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से समाजसेवी गंगा प्रसाद, अरुण, मदन, महेंद्र, महिपत आदि शामिल रहे।
इस बाबत एडीपीआरओ राजेश सिंह ने कहा कि उक्त प्रकरण को देखवाया जाएगा।