दुद्धी सोनभद्र। दुद्धी विधानसभा-403 के वर्तमान विधायक और आठ बार चुने गए वरिष्ठ आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड (70) का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में निधन हो गया। 1980 के दशक में राजनीति में कदम रखने वाले गोंड किडनी की गंभीर बीमारी से लंबे समय से जूझ रहे थे। उनके निधन से पूरे दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
विजय सिंह गोंड ने 80 के दशक से राजनीतिक सफर शुरू किया और आठ बार दुद्धी विधानसभा से विधायक चुने गए। वर्तमान में भी विधायक के रूप में सक्रिय वे आदिवासी समुदाय के प्रमुख नेता थे, जिन्होंने भूमि अधिकार, विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सदन में जोरदार आवाज बुलंद की। जमीन से जुड़े इस जुझारू नेता को क्षेत्रवासी ‘जननायक’ मानते थे।
समाजवादी पार्टी दुद्धी विधानसभा अध्यक्ष अवध नारायण यादव ने निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि आज पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे विजय जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। कल शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर डीसीएफ कालोनी स्थित गोंडवाना भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंतिम संस्कार दुद्धी नगर के कनहर-ठेमा नदियों के संगम तट पर होगा। परिवार में पत्नी और तीन पुत्र हैं, जिनमें दो पुत्र सरकारी सेवा में तथा एक पुत्र उनकी देखभाल में हैं।क्षेत्रीय राजनीति में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा।
बता दे कि पार्टी कार्यकर्ताओं व दुद्धी समेत पूरे विधानसभा क्षेत्र में श्रद्धांजलि सभाओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में विधायक विजय सिंह गोंड के निधन पर आज डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में संयुक्त बार संगठन के अधिवक्ताओं ने शोक सभा का आयोजन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपने प्रिय विधायक को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने स्वर्गीय विधायक के कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि विजय सिंह गोंड आदिवासियों, सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष करते रहे। वे लोगों को न्याय दिलाने में सदैव तत्पर रहते थे। इस अवसर पर दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमचंद यादव, सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
सोनभद्र/दुद्धी (विवेक सिंह)