प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।।
: किसी महिला के पति की मौत उसके ससुर की मौत के बाद हुई हो, तब भी वह अपने ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण पाने की हकदार है, सुप्रीम कोर्टी का फैसला।*
*सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में* *मनुस्मृति के श्लोक का हवाला दिया है*
*’न माता न पिता न स्त्री न पुत्रस्त्यागमर्हति ।*
*त्यजन्नपतितानेतान राज्ञा दण्ड्यः शतानि षट ॥’*
*अर्थात : माँ, पिता, पत्नी और पुत्र को कभी भी छोड़ना नहीं चाहिए। जो ऐसा करता है, उसे राजा द्वारा 6 सौ ( यूनिट जुर्माना)/ दंडित किया जाना चाहिए।*
*कोर्ट ने कहा कि आज के भरण पोषण क़ानून की सोच यही है।*