37 ओवरलोड ट्रक सीज, 24 आरोपी गिरफ्तार, सरकारी टीम पर चढ़ाने की कोशिश से मचा हड़कंप
रिपोर्ट : मोहम्मद उस्मान अंसारी
एंकर:जनपद बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई उस वक्त सनसनीखेज मोड़ ले गई, जब जांच के दौरान खनन माफियाओं ने सरकारी टीम को कुचलने की कोशिश कर दी। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अधिकारी-कर्मचारी जान बचाकर इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए।
घटना 15 जनवरी की बताई जा रही है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर खनन अधिकारी मनीष कुमार अपनी टीम के साथ बहेड़ी इलाके में अवैध खनन व ओवरलोडिंग की जांच कर रहे थे। इसी दौरान बिना अनुमति और वैध कागजात के दौड़ रहे दर्जनों ट्रक मौके पर पहुंचे। जब टीम ने ट्रकों को रोकने का प्रयास किया तो कुछ चालकों ने नियमों को ताक पर रखकर वाहनों को तेजी से आगे बढ़ा दिया, जिससे सरकारी टीम को कुचलने की कोशिश की गई।
इस हमले में एक उपनिरीक्षक को हल्की चोटें आईं, जबकि जांच के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सख्त रुख अपनाया।
खनन अधिकारी की तहरीर पर थाना बहेड़ी में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान वन विभाग तिराहा और नवीन मंडी क्षेत्र से 37 ओवरलोड ट्रकों को जब्त किया गया, जबकि 3 अन्य वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया।
पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देते हुए 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई आरोपी मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों में सलमान, गोस कमर, करन सिंह, चांद, नसीम, सुनील, कासिम, विकास, फुरकान, अनुज, साकिर, नाजिम, राजेश, मुस्तफा, दान सिंह पटेल, इमरान, निजाम, मुजीब, सोहिल, अजहरुद्दीन, नियाजुद्दीन, अनुप गुप्ता उर्फ अनु और सहसुद्दीन शामिल हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।