ब्यूरो चीफ-राकेश मित्र। जिला- कांकेर अधिकारियों व नेताओं को मालूम है जो रेत खदानों को लेकर मौन व्रत धारण किए हुए हैं हालांकि मचांदूर नाके जहां के हाइवे से हाईवा डैली रेत लेकर अन्य राज्यों में जा रहा है और हम अपने गांव के उस टूटने के कगार पर पुल की अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तो अपर कलेक्टर को मोटा ज्ञापन सौंपकर सप्ताह भर का Time भी मांगा है और नहीं तो सड़क की लड़ाई देखते हैं ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन कितनी तेज गति से कार्यवाही करती है यह तो सप्ताह भर के बाद पता चलेगा लेकिन फिलहाल ग्राम पंचायत अरौद से निकलने वाली रेत और बाफना जी की पत्थर खदानों से भारी भरकम ट्रकों -हाईवा से फोटो में दिख रहा पुल कम भसक जायें आपको पता भी नहीं चलेगा और रेत और पत्थर खदान चलाने वाले भी मुड़कर नहीं आयेंगे कुछ दिनों पहले ही जिला पंचायत सदस्य ने ग्राम पंचायत – अरौद से निकलने वाली रेत व ठेकेदार द्वारा धमकी चमकी को लेकर एक लिखित शिकायत ADSPको सौंपकर जांच की मांग की है