जंगल के बाद अब मैदान की बारी मेला ग्राउंड में हो रहा निर्माण
अमरकंटक। नर्मदा उद्गम अमरकंटक में उत्तर तट, सर्किट हाउस के पास हेली पैड (मेला ग्राउंड) पर श्री नर्मदा प्रसाद योजना अंतर्गत विशाल प्रवचन हाल का निर्माण कार्य शुरू किया गया है । समस्या यहां यह उत्पन्न हो गई है कि जिस स्थान पर यह प्रवचन हाल का निर्माण किया जा रहा है । उस स्थान पर हेली पैड है और पिछले 4-5 वर्षों से यहां महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जा रहा है । इसके अलावा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, अमरकंटक स्थित बड़े – बड़े आश्रमों के यज्ञ भी इसी मैदान में आयोजित किए जा रहे हैं । बच्चों के खेलने के लिए भी केवल यह ही एक मात्र स्थान रह गया है । साथ ही नए साल, मकरसंक्रांति, महाशिवरात्रि आदि उत्सवों पर वाहन पार्किंग के लिए भी इसी मैदान का इस्तेमाल किया जाता है । अगर इस स्थान पर प्रवचन हाल का निर्माण किया जाता है तो आने वाले समय में महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किस जगह किया जाएगा । वाहन पार्किंग कहां होगा । क्योंकि पहले महाशिवरात्रि मेले का आयोजन श्री नर्मदा उद्गम स्थल के पास रामघाट पर ही लगाया जाता था । किन्तु मेले के वृहद रूप को देखते हुए इसे जवाहर नवोदय विद्यालय वाले मैदान पर अयोजित किया जा रहा था किंतु मेले का समय और विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा का समय लगभग एक ही समय होने के कारण इसे हेली पैड पर स्थानांतरित किया गया था । अतः मेले को सर्किट हाउस के पास हेली पैड पर ही रहने दिया जाए । प्रवचन हाल को चाहें तो रामघाट या नवोदय विद्यालय वाले स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है । इससे मेले के लिए जगह भी बच जायेगी, बच्चों को खेलने के लिए मैदान और प्राकृतिक सौंदर्य से भरा यह हेली पैड भी सुरक्षित रहेगा ।
21जनवरी 2021 को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवम उस समय के केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने यह कहा था कि अमरकंटक के विकास का कार्य अमरकंटक की प्राकृतिक संरचना को समझ कर करना होगा । इसके लिए अमरकंटक के साधू – संतो एवम बुद्ध जीवियों को विश्वास में रखकर ही अमरकंटक का समग्र विकास संभव है । ताकि भविष्य में अमरकंटक में इस स्थान पर कोई भी भव्य तथा विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जा सकेगा ।
श्री नर्मदा प्रसाद योजना अंतर्गत ही श्री नर्मदा उद्गम कुंड से लगभग 100 मीटर की दूरी पर एक सुलभ शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा है । इसके पास ही दो और सुलभ शौचालय जिनका कोई उपयोग नहीं है । वह हमेशा बंद रहते हैं । जिस स्थान पर इस सुलभ शौचालय का निर्माण कार्य किया जा रहा है वह स्थान मां नर्मदा के उद्गम के दक्षिण तट पर निवास करने वाले निवासियों के लिए श्मशान घाट है । दक्षिण तट पर निवास करने वाले लोग अंतिम संस्कार इसी स्थान पर कहते हैं क्योंकि मृत शरीर श्री नर्मदा नदी पार नही कराते । अतः दक्षिण तट पर निवास करने वाले लोग मृत शरीर का अंतिम संस्कार किस स्थान पर करेंगें । इसके अलावा इसी स्थान पर पहले से ही दो और सुलभ शौचालय बने हुए हैं जिनका संचालन नहीं हो रहा है । आवश्यकता यह है कि पहले के दो जो सुलभ शौचालय बने हुए हैं उनका सुचारू रूप से संचालन किया जाए ।
इनका कहना है-
स्मार्ट सिटी, श्री नर्मदा प्रसाद योजना आदि योजनाओं की जानकारी उन्हें नहीं है न ही किसी ने भी नगर परिषद से इस कार्य योजना की अनुमति ली है ।
प्रभा पनारिया
अध्यक्ष, नपा अमरकंटक
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स्मार्ट सिटी का कार्य कर रहे ठेकेदार यहां अमरकंटक में रहते ही नहीं है उन्होंने अपना कार्य किसी अन्य ठेकेदार को पेटी कांटेक्टर बना कर दे रखा है । इससे मुख्य ठेकेदार तक अमरकंटक स्थित कार्योजना की सही जानकारी उपलब्ध ही नहीं हो पाती । कोई भी कही भी कोई भी कार्य नरगरपरिषद को सूचित किए बगैर कार्य शुरू कर देता है । इसके जिम्मेदार वे अधिकारी भी है जिन्होंने अमरकंटक की प्राकृतिक संरचना को बिना ध्यान में रखे हुए बंद कमरे में अमरकंटक के विकास की योजना बनाई हुई है ।