जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला उपार्जन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय निर्देशित किया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिये किसानों का विशेष अभियान चलाकर पंजीयन कराया जाये। किसानों के आधार को मोबाईल नंबर से लिंक करायें। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी एसडीएम उपार्जन केन्द्रों का सत्यापन करें। पंजीयन के संबंधित समस्त जानकारी प्रचारित की जाये, ताकि किसानों को पंजीयन कार्य करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित लटौरिया, डिप्टी कलेक्टर श्री एसके तोमर, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री सौरभ तिवारी, जेएसओ श्री ललित मेहरा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसान पंजीयन का कार्य 7 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक आयोजित किया जायेगा। किसान पंजीयन हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर सुविधा केन्द्र, जनपद पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र, तहसील कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र, सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र, एमपी किसान एप, किसान स्वयं के मोबाईल से निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ किसान एमपी ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र, निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साईबर कैफे पर सशुल्क पंजीयन कर सकते हैं।
बैठक में बताया कि विगत रबी मौसम में पंजीकृत किसानों को रबी विपणन वर्ष 2026-27 में पंजीयन हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ खसरा, बैंक खाता, समग्र आईडी, आधार नंबर एवं मोबाईल नम्बर देना होगा। मोबाईल नंबर एवं बैंक खाता आधार नंबर से पंजीकृत होना आवश्यक है। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था स्तर पर स्थापित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध है। वनाधिकारी पट्टाधारी/सिकमी/बटाईदार किसानों को वन पट्टा एवं सिकमी अनुबंध की प्रति उपलब्ध करानी होगी। अनुबंध की एक प्रति तहसील कार्यालय में जमा करनी होगी।
वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को वन एवं सिकमी/बटाईदार किसानों को सिकमी/बटाईदार अनुबंध 2 फरवरी 2026 के पूर्व की अवधि का पंजीकृत होने पर ही मान्य किया जायेगा। पंजीयन में भूमि एवं बोई गई फसल की जानकारी राजस्व अभिलेख (खसरा) से ली जायेगी। सहमत नहीं होने पर गिरदारी में दावा/आपत्ति का प्रावधान एमपी किसान ऐप पर उपलब्ध होगा।