ब्यूरो चीफ – राकेश मित्र , जिला- कांकेर (छ.ग)
कुछ वर्षों से यह ऐतिहासिक व पुरातत्वि स्कूल खंडहर में तब्दील हो गया है और पिछली सरकार के वक्त शायद आधा करोड़ रूपए खर्च कर अधूरा छोड़ दिया गया और पुनःइसे बनाने के लिए पिछले कुछ महिनों पूर्व RES के तत्कालीन E.E के अलावा विभागीय अधिकारियों के साथ कनेक्ट होकर नापजोख कर लगभग 50 लाख के ऊपर का Estimate बनाया गया था और जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति हेतु संबंधित फाइल CEO जिला पंचायत से होते हुए रायपुर,धमतरी के ठेकेदारों तक पहुंच गई लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यहFileबडी़ गोपनीय तरीके से संबंधित ठेकेदार को अंधेरे में रख राजनैतिक ठेकेदारों को देकर एक प्रकार से झंझट बोल ले लिया गया है इसके पीछे की कहानी MEDIA खोज रहें ताकि कुछ तो पता चले पुत्री शाला के निर्माण पर अब तक पूर्व में कितनी राशि खर्च हो गयी है यह RTI लगाकर कुछ दस्तावेज निकाला जा सकता है और नहीं तो लिखित शिकायत भी किया जा सकता है पर होगा कुछ नहीं लेकिन इस स्कूल के निर्माण को लेकर जिस प्रकार से नेतागिरी की गई है