बरेली (संवाददाता)
जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश; निजी लोगों के खातों में सरकारी पैसा ट्रांसफर करने का खुलासा जनपद के विकास खंड मझगवां अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत शिवपुरी में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। यहाँ ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी खजाने को लाखों रुपये का चूना लगाने का गंभीर आरोप लगा है। भ्रष्टाचार के इस खेल को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
निजी करीबियों को बनाया फर्जी मजदूर, मनमाने तरीके से किए भुगतान शिकायतकर्ता अंकित चौहान द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए 9 सूत्रीय शपथ पत्र और साक्ष्यों के अनुसार, ग्राम प्रधान ने सरकारी धन निकालने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची। आरोप है कि बिना किसी वास्तविक कार्य के, प्रधान ने अपने निजी करीबियों और परिचितों के बैंक खातों में लाखों रुपये की धनराशि हस्तांतरित कर दी।शिकायत में मुख्य रूप से विशाल, मनोज कुमार, धनीराम मौर्य, मनोज भारती, हेमराम, चंद्रपाल सक्सेना, कुंदन, लक्ष्मण, मुन्त्याज और भगवानदास जैसे व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। इन व्यक्तियों के खातों में अवैध रूप से सरकारी पैसा भेजा गया है, जबकि धरातल पर इनके द्वारा कोई श्रम या कार्य नहीं किया गया।
जांच के लिए टीम गठित, खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड* मामले की गंभीरता और तकनीकी साक्ष्यों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जांच के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता संजय कुमार को नामित किया है। जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे पंचायत के अभिलेखों, बैंक स्टेटमेंट और धरातल पर हुए कार्यों का भौतिक सत्यापन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
ग्रामीणों में आक्रोश: भ्रष्टाचार की खबर सार्वजनिक होने के बाद गांव में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी शिकायतें हुईं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विकास की धनराशि का दुरुपयोग कर प्रधान ने गांव को विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है।
होगी कड़ी कार्रवाई और रिकवरी* योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रशासन अब सख्त है। जानकारों की मानें तो जांच में दोषी पाए जाने पर ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए जा सकते हैं। साथ ही गबन की गई राशि की रिकवरी के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।