ब्यूरो चीफ- राकेश मित्र , जिला- कांकेर
परलकोट मै जलाशय नहर निर्माण मै करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बना नहर निर्माण कार्य सिर्फ एक साल के भीतर ही पानी में ढह गया।सूत्रों के अनुसार ठेकेदार द्वारा अधिक मुनाफा कमाने के लालच में घटिया गुणवत्ता के मटेरियल का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते नहर निर्माण कार्य टिक नहीं सका। निर्माण के कुछ ही महीनों बाद जगह-जगह दरारें आईं और अब कई हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इस भ्रष्टाचार का सीधा असर किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई होगी या फिर मामला फाइलों में दब जाएगा?