दुद्धी सोनभद्र(विवेक सिंह)।
स्थानीय तहसील कार्यालय में बुधवार को अपराह्न और नगर पंचायत में देर शाम अपर कमिश्नर राजकुमार द्विवेदी ने सघन निरीक्षण किया।जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया ।यह निरीक्षण प्रशासनिक दक्षता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देखा गया।
अपर कमिश्नर ने उपजिलाधिकारी कार्यालय, न्यायालय के अलावा हर पटल पर पत्रावलियों, रजिस्टरों व लंबित मामलों का बारीकी से अवलोकन किया। भूमि अभिलेख, राजस्व वसूली, प्रमाण-पत्र जारी करने व अन्य सेवाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच हुई। अंश निर्धारण संक्रमण्य भूमि के निर्धारण-अमल में देरी पर नाराजगी जताई गई तथा कंप्यूटर कक्ष में ऑपरेटर की कमी दूर करने का निर्देश दिया। उपजिलाधिकारी निखिल यादव, तहसीलदार अंजनी गुप्ता, नायब तहसीलदार व लिपिकों को समय-सीमा में कार्य पूरा करने, लंबित आवेदनों को प्राथमिकता, डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट व भ्रष्टाचार मुक्त कार्यालय के दिशा-निर्देश दिए गए। लापरवाही पर सख्त चेतावनी दी गई कि दोषी पाए जाने पर विभागीय जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी।
उधर तहसील में तैनात चेनमैन जगदीश प्रसाद ने अपर कमिश्नर के गाड़ी के आगे लेटकर विरोध जताया। उन्होंने बताया कि जीपीएफ फंड भुगतान के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ, जिससे वे परेशान हैं। मीडिया को फोटो खींचते देख कुछ कर्मचारियों ने उन्हें गाड़ी से हटाकर एक कमरे में बंद कर दिया।
तत्पश्चात अपर कमिश्नर राजकुमार द्विवेदी ने देर शाम नगर पंचायत कार्यालय का विधिवत एक-एक पत्रावली का निरीक्षण किया और साफ-सफाई, समय पर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन ने स्टेट की भूमि व दूरदर्शन के खाली भवन-प्लांट को नगर पंचायत में स्थानांतरित करने का मांग पत्र सौंपा।इसके अलावा सभासद राकेश आजाद ने स्थाई अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति की मांग की, क्योंकि वर्तमान अधिशासी अधिकारी कई जगहों का भार संभालते हैं और हफ्ते में केवल तीन दिन यहां आते हैं। इस दौरान सभासद व कर्मचारी मौजूद रहे।