दुद्धी सोनभद्र । जनपद के आजादी आंदोलन के आदिवासी नायकों विशेषकर बभनी के घघरा गांव के स्वर्गीय शनिचर राम खरवार और चौवना गांव के स्वर्गीय रामेश्वर सिंह खरवार को उचित सम्मान मिलना चाहिए, अतिशीघ्र उनका स्मारक बनाना चाहिए और उनके परिवारों को लाभ प्रदान करना चाहिए। यह मांग कल बभनी के घघरा गांव में आयोजित खरवार समाज की बैठक में उपस्थित राबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल सिंह खरवार को ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला सचिव इंद्रदेव सिंह खरवार ने पत्र देकर की।
उन्होंने सांसद को बताया कि जनपद में आदिवासियों के साथ बड़ा अन्याय हो रहा है। लगातार निवेदन के बावजूद स्वतंत्रता संग्राम में जेल गए आदिवासी नायकों को आजादी के अमृत काल में भी सम्मान नहीं दिया जा रहा। यहां तक कि उनका स्मारक तक नहीं बनाया गया। जबकि इस बाबत तमाम जनप्रतिनिधियों ने सरकार से अनुरोध किया है।
उन्होंने सांसद को बताया कि जनपद में आदिवासियों की जनसंख्या के अनुरूप उनके लिए पंचायत चुनाव में सीट आरक्षित नहीं की गई है। इसके कारण बेहद कम आदिवासी प्रतिनिधि पंचायत में चुनाव लड़ पा रहे हैं। यह भी सांसद के संज्ञान में लाया गया कि 1961 से पहले जनगणना में आदिवासी धर्म का कालम था और यह इसलिए था क्योंकि आदिवासी प्रकृति के उपासक हैं। उनका अपना धर्म, बोली, भाषा, परंपरा, संस्कृति, संस्कार और रीति रिवाज हैं। लेकिन उसके बाद जनगणना में आदिवासी धर्म के कोड को खत्म कर दिया गया। इसलिए अप्रैल से शुरू हो रही जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को भी शामिल करने के लिए संसद में आवाज उठाने का अनुरोध भी किया गया।