उत्तर प्रदेश के बाँदा से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। बच्चों के साथ हैवानियत करने वाले और उनकी अश्लील वीडियो बनाकर दुनिया भर में बेचने वाले कलयुगी पति-पत्नी को कोर्ट ने उनके किए की सबसे सख्त सजा सुनाई है। बाँदा की पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने इस मामले को ‘संगीन से संगीन’ अपराध मानते हुए आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सज़ा सुनाई है।
यह मामला साल 2020 का है, जब जलकल विभाग में तैनात जेई (JE) रामभवन और उसकी पत्नी की काली करतूतों का पर्दाफाश हुआ था। इन दोनों पर आरोप था कि ये मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाते थे, उनके साथ यौन शोषण करते थे और फिर उन कुकृत्यों के वीडियो बनाकर इंटरनेट पर बेचते थे।
इस घिनौने अपराध की जानकारी पहली बार इंटरपोल के जरिए मिली थी, जिसके बाद सीबीआई (CBI) ने अक्टूबर 2020 में केस दर्ज किया।
शिकायतकर्ता ने सीबीआई को एक पेनड्राइव सौंपी थी, जिसमें 34 बच्चों के वीडियो और 679 आपत्तिजनक फोटो मौजूद थे।
पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश प्रदीप मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे समाज पर एक कलंक माना और दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा दी।
कोर्ट ने न केवल सजा सुनाई, बल्कि पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। न्यायाधीश ने जिलाधिकारी को पत्र जारी कर आदेश दिया है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करें।
”बच्चों के साथ ऐसी दरिंदगी करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। यह फैसला एक मिसाल बनेगा ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।
ब्यूरो चीफ ताहिर अली बांदा से