ज़ाकिर ज़ंकार : आहवा
राज्य के प्रशासनिक तंत्र को अधिक गतिशील, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से गुजरात सरकार के राजस्व विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके अनुसार राज्य के सभी जिलों में कलेक्टर तथा जिला विकास अधिकारियों को नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर अपनी कार्यवाही का विस्तृत ‘फील्ड विजिट रिपोर्ट’ सरकार को सौंपना है।
इसी प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य के सुदूर क्षेत्र में स्थित डांग जिले में भी जनहितकारी प्रशासन को प्राथमिकता देने वाली संवेदनशील जिला कलेक्टर सुश्री शालिनी दुहाने ने जिले के दूरस्थ और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर वहां की मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
हाल ही में जिला कलेक्टर ने डांग जिले के दिवानटेब्रुन, कलमखेत, सरवर, भवानदगढ़, पांधरमाल, पोलसमाल, पादलखड़ी, लवचाली, जाखाना, कोटमदर, मालेगाम, सापुतारा और गलकुंड जैसे कई दूरस्थ गांवों का दौरा किया।
इन दौरों के दौरान कलेक्टर ने ग्राम पंचायत विभाग के कार्यालयों का निरीक्षण किया तथा स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों का भी अवलोकन किया। आंगनवाड़ी केंद्रों की यात्राओं के दौरान बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और पौष्टिकता की जांच की। इसके साथ ही गांव के स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और सस्ते अनाज की दुकानों के माध्यम से किए जा रहे राशन वितरण की व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अनाज की गुणवत्ता की जांच की और विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण भी किया। साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की।
इन यात्राओं के दौरान कलेक्टर ने गांव के लोगों से सीधे संवाद भी स्थापित किया। ग्रामीणों ने सड़क, स्कूल के लिए भूमि आवंटन, बस सुविधा तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अपनी समस्याएं और मांगें उनके समक्ष रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने के लिए फॉलो-अप भी लिया कि समस्याओं का समाधान हुआ है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सुशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत डांग जिला प्रशासन ने भी यह संकल्प व्यक्त किया है कि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रभावी रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।