बांदा जनपद के बबेरू कस्बे के तिंदवारी रोड स्थिति पैराडाइज मैरिज हाल में आज की दोपहर 2 बजे से सजल साहित्य अकादमी बबेरू के द्वारा कमल के बोल विशाल प्रतिस्पर्धी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है, कार्यक्रम में सरस्वती मां की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित का कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिसमें कलम के बोल में नवांकुर कवियों के द्वारा समा बांधी गई, जिसमें कई जनपदों से आए हुए कवियों के द्वारा अपनी अपनी कविताओं के माध्यम से स्वयं इतनी सुंदर मेधा का प्रदर्शन किया। जिसका समस्त साहित्यकारों सहित आम जनमानस भावविभोर होकर तालियां बजा कर कवियों का स्वागत किया। संस्थान साहित्य अकादमी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा पुरस्कृत डॉक्टर रामकरण साहू सजल ने साहित्य को प्रगति का प्राण बताते हुए सभी उपस्थित साहित्यकारों का अभिनंदन कर स्वागत किया है। कवि सम्मेलन के साथ-साथ कवियों और क्रिएटरों को भी ,स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। जिसमें कवि राम अवतार साहू अतर्रा, मूलचंद कुशवाहा, सुभाष चंद्र चौरसिया महोबा ,संतोष द्विवेदी बिगुल महोबा, प्रमोद कुमार सरल मानिकपुर, राकेश गुप्ता, आनंद सिंह आकाश सिंह चौहान, शिशुपाल शिवाधार भारतीय, उमानंद सिंह, प्रदुम्न सिंह ,महेंद्र कुमार गुप्ता,राकेश सोनी, योगेंद्र कुमार सचिव, फरमान खान, सौरभ चक्रवर्ती, नरेंद्र निषाद, सहित अन्य साहित्यकारों ने अपने-अपने कवि के माध्यम से लोगों को सुनाया, इस मौके पर बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, सहित क्षेत्र के कवि मौजूद रहे।
बांदा से संवाददाता, विनय सिंह की रिपोर्ट